Friday, April 24, 2026
Hometrendingएसपी मेडिकल कॉलेज की एमआरयू यूनिट को मिली बड़ी जिम्मेदारी, वर्कशॉप का...

एसपी मेडिकल कॉलेज की एमआरयू यूनिट को मिली बड़ी जिम्मेदारी, वर्कशॉप का हुआ उद्घाटन

AdAdAdAdAdAdAd

बीकानेर Abhayindia.com एसपी मेडिकल कॉलेज की मल्टी-डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (MRU) को केंद्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (Department of Health Research, DHR), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली ने क्लिनिकल ट्रायल पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की वर्कशॉप आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी। यह बीकानेर के लिए गौरव की बात है कि राजस्थान के किसी भी मेडिकल कॉलेज की MRU को पहली बार इस तरह की राष्ट्रीय वर्कशॉप आयोजित करने का अवसर मिला है।

वर्कशॉप का उद्घाटन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने मुंबई से पधारे विशेषज्ञ चिकित्सकों का स्वागत करते हुए कहा कि क्लिनिकल ट्रायल रिसर्च में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर यह कार्यशाला अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। इस प्रशिक्षण से बीकानेर के फैकल्टी सदस्यों को क्लिनिकल रिसर्च में आगे बढ़ने में बड़ी मदद मिलेगी।

मुंबई के प्रसिद्ध टाटा मेमोरियल सेंटर से तीन वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. अनंत रामास्वामी, डॉ. साधना कन्नन, डॉ. विक्रम गोटा, डॉ. वी. श्रीलाल, डॉ. शिवा कुमार, डॉ. नवीन खत्री शामिल हुए। इसके अलावा एसएमएस जयपुर, आरयूएचएस जयपुर, एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर एवं एसपी मेडिकल कॉलेज बीकानेर से विशेषज्ञ शामिल हुए। इन विशेषज्ञों ने क्लिनिकल ट्रायल डिजाइन, एथिकल इश्यूज, रेगुलेटरी आवश्यकताएं, डेटा मैनेजमेंट, सांख्यिकीय विश्लेषण और ट्रायल के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं व उनके निदान पर विस्तृत व्याख्यान एवं हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी।

एमआरयू के नोडल अधिकारी डॉ. संजय कोचर ने बताया कि यह वर्कशॉप क्लिनिकल रिसर्च को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। बीकानेर के चिकित्सक अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्लिनिकल ट्रायल स्वतंत्र रूप से डिजाइन और संचालित कर सकेंगे। प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च, नई दिल्ली का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्कशॉप से एसपी मेडिकल कॉलेज की रिसर्च क्षमता में कई गुना वृद्धि होगी और भविष्य में बीकानेर से भी उच्च स्तरीय क्लिनिकल ट्रायल सामने आएंगे। वर्कशॉप के आयोजन मे एमआरयू बीकानेर यूनिट के रिसर्च वैज्ञानिक डॉ. निरंजना एवं डॉ मोहम्मद रिज़वान का विशेष सहयोग रहा।

- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!