






बीकानेर Abhayindia.com मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा इलेक्टर मैपिंग कार्य में ढिलाई बरते जाने को जिला निर्वाचन अधिकारी नम्रता वृष्णि ने गंभीरता से लिया। उन्होंने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में इलेक्टर मैपिंग से जुड़े कार्य में न्यूनतम प्रगति वाले बीएलओ के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश सम्बन्धित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को दिए। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि निर्वाचन से जुड़े कार्यों में लापरवाही किसी स्तर पर स्वीकार नहीं होगी। मैपिंग से जुड़े कार्य में गति नहीं आने पर संबंधित कार्मिक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा उच्च स्तर पर इससे अवगत भी करवाया जाएगा।
इस दौरान मैपिंग से जुड़े कार्य में बीकानेर पश्चिम, बीकानेर पूर्व एवं खाजूवाला के न्यूनतम प्रगति वाले बीएलओ मौजूद रहे। वहीं अन्य विधानसभा के बीएलओ वीडियो कांफ्रेंस से जुड़े। जिला कलेक्टर ने एक-एक बीएलओ से फीडबैक लिया। उन्होंने सम्बन्धित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भी पूर्ण गंभीरता से मॉनिटरिंग के निर्देश दिए और कहा कि किसी विधानसभा क्षेत्र में इस कार्य में गति नहीं हुई तो संबंधित ईआरओ भी इसके लिए जिम्मेदार होगा।
वृष्णि ने कहा कि जल्दी ही इसकी पुनः समीक्षा की जाएगी। इसके मद्देनजर आवश्यक सुधार के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कार्य क्रियान्वयन में किसी प्रकार की व्यवहारिक परेशानी आए तो बीएलओ तत्काल संबंधित ईआरओ, मास्टर ट्रेनर अथवा सुपरवाइजर से संपर्क करे। उन्होंने बताया कि 40 साल से कम आयु के मतदाताओं की मैपिंग के मामले में कोलायत सबसे फिसड्डी है। वहीं नोखा और खाजूवाला नीचे से क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर है। वहीं 40 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं की मैपिंग में बीकानेर पूर्व, बीकानेर पश्चिम और खाजूवाला सबसे नीचे हैं। वहीं ओवरऑल मैपिंग में कोलायत, नोखा और बीकानेर पूर्व सबसे नीचे हैं। वृष्णि ने मैपिंग से जुड़ा सर्वश्रेष्ठ कार्य करने पर श्रीडूंगरगढ़ और लूणकरणसर विधानसभा की तारीफ की और अन्य क्षेत्र के बीएलओ को इसी तर्ज पर काम करने के निर्देश दिए।


