राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता के लिए सलिला संस्था ने मांगी प्रविष्टियां

बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। स्वतंत्रता सेनानी औंकारलाल शास्त्री स्मृति सम्मान-पुरस्कार राष्ट्रीय बाल साहित्य (पत्र लेखन विधा) प्रतियोगिता वर्ष 2019 के लिए अखिल भारतीय स्तर पर सलिला संस्था, सलूंबर-राजस्थान द्वारा प्रविष्टियां आमंत्रित की जाती हैं।

सलिला संस्था अध्यक्ष डॉ. विमला भंडारी के अनुसार बाल साहित्य में लुप्त होती पत्र लेखन विधा को प्रोत्साहित व पुरस्कृत करने और उन्हें संग्रह के रूप में प्रकाशित करवाने की योजना है। आप अपनी मौलिक रचना पत्र लेखन विधा में 15 अप्रेल 2019 तक प्रविष्टि भेज सकते हैं।

नियमावली निम्न प्रकार से हैं :-

1. सभी बाल साहित्यकार अपना मौलिक, अप्रकाशित, एक पत्र बालकों के लिए केन्द्रीत कर मनचाहे विषय पर लिखकर (हिन्दी) भेज सकते हैं। (शब्द सीमा 500-700 तक)

रचना कंप्यूटर पर टंकित तीन प्रतियों में भिजवानी होगी। रचना पर अपना नाम पता न लिखें। प्रविष्टि के साथ रचनाकार अपना 50 शब्दों में लेखकीय परिचय एवं एक रंगीन छायाचित्र अवश्य भिजवायें।

2. चयनित पत्र को निम्न प्रकार से पुरस्कृत किया जायेगा-

अ. प्रथम – 3000 रुपये (एक)

ब. द्वितीय – 2000 रुपये (एक )

स. तृतीय – 1500 रुपये (दो)

द. श्रेष्ठ प्रविष्टि – 1000 रुपये (दो)

3. पुरस्कृत होने वाले रचनाकारों को समारोह में स्वयं उपस्थित होना होगा।

4. चयन के बाद सभी रचनाकारों को सूचना दी जायेगी। उनकी आयोजन में सम्मिलित होने की स्वीकृति पर ही पुरस्कार की घोषणा की जायेगी तथा उनसे यह भी आग्रह रहेगा कि संग्रह के प्रकाशन तक अपनी रचना कहीं और प्रकाशित न करायें।

5. दसवां राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मेलन, सलूम्बर-राज. में इस पत्र लेख के संकलन का लोकार्पण होगा। उसी समय रचनाकार को एक प्रति व पुरस्कार की राशि प्रदान की जायेगी।

6. इस पुरस्कार का एकमात्र उद्देश्य बालपाठकों को उच्चकोटि का बाल साहित्य उपलब्ध कराना है। अत: बच्चों को ज्ञान, मनोरंजन, और सुयोग्य नागरिक बनने में सहायक रचना ही भेजे। आपके पत्र लेखन का उद्देश्य बच्चों में ज्ञान की वृद्धि या उन्हें प्रेरणा मिलनी चाहिए।

इस प्रतियोगिता के लिए कुछ उपयोगी सुझाव :-

* पत्र में हास्य हो सकता है, किसी का उपहास नहीं।

* ऐसा लगे जैसे आपने पत्र सचमुच अपने किसी निकटस्थ को लिखा है। ऐसा न लगे कि आपने यह केवल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए लिखा है।

* पत्र में सीख होनी चाहिए, उपदेश या प्रवचन नहीं।

* पत्र ऐसा भी हो जो पढऩे वालों के लिए हमेशा उपयोगी हो। केवल वक्त-जरुरत के लिए नहीं, क्योंकि पत्र पुस्तक में संकलित होगा।

* पत्र में अपने किसी विशेष घटना यात्रा उपलब्धि, नई जानकारी का जिक्र किया है और वह किसी भी बाल पाठक के लिए उपयोगी है तो आप संदर्भित चित्र भी संलग्न कर सकते हैं। पर यह आवश्यक नहीं है।

* कृपया पत्र में ऐसा कोई उल्लेख न करें जिससे बच्चों में अंधविश्वास पनपे या जीवन के प्रति अरुचि पैदा हो।

* पत्र लेखन में भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं देश के गौरव में इतिहास का भी ध्यान रखें।

आशा है आप आपनी प्रतिभा का उपयोग कर इसमें अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करेंगे।

7. अंतिम तिथि 15/4/2019 के बाद प्राप्त होने वाली रचनाओं पर विचार करना संभव नहीं होगा। रचनाएं निम्न पते पर रजिस्टर्ड डाक से भिजवायें- डॉ. विमला भंडारी, अध्यक्ष सलिला संस्था, भंडारी सदन, पैलेस रोड, सलूम्बर-313027, जि. उदयपुर-राज. संपर्क 9414759359, 9145815390

पुरस्कृत होने वाले रचनाकार/संभागी की उपस्थिति पर नकद राशि के साथ प्रशस्ति-पत्र, शॉल आदि भेंट किया जायेगा।

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