










बीकानेर Abhayindia.com जयनारायण व्यास कॉलोनी के वृंदावन पार्क में नव युवकों ने महाराणा प्रताप की 485वीं जयंती को उत्साह और उल्हास के साथ मनाया गया। इस अवसर प्रत्यूष विश्नोई ने महाराणा प्रताप की वेष भूषा में शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में युवाओं द्वारा काव्य पाठ किया गया। अर्श अरोड़ा ने “चेतक पर चढ़ जिसने भाले से दुश्मन संघारे थे” द्वारा कविता से महाराणा प्रताप की वीरता का बखान किया। वासु सांखला ने “तुम्हीं हो राणा के वंशज, युद्ध कहाँ तक टाला जाए, फेंक भाला जहाँ” तक जाए सुना कर तालियां बटोरी।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में समाज सेवी डॉ राशि पाहुजा ने महाराणा प्रताप के जीवन दर्शन के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि 16वीं शताब्दी में मुग़लों के मंसूबों को विराम देने वाला कोई देश भक्त आगे आया तो सिसोदिया वंश मेवाड़ का शासक महाराणा प्रताप थे, जो जीवन पर्यंत अजेय रहे। अपने जीवन काल में मुग़लों द्वारा आधिपत्य किये गए सभी किलों को अपने सामर्थ्य और युद्ध कौशल से वापस जीत और मुग़लों के विस्तार को राजपूताना क्षेत्र में रोका। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास स्वाभिमान, समर्पण, देश भक्ति और विजय का इतिहास रहा है जिसपर प्रत्येक देशवासी को गर्व करना चाहिए।
महाराणा प्रताप की जयंती कार्यक्रम में अखिलेश प्रताप सिंह, पार्षद संजय गुप्ता, चंद्रेश सोनगरा, दिनेश मोदी, नरेंद्र सिंह राठौड़, राजेन्द्र सिंह, करुणा गुप्ता, दिनेश महर्षि, तनु पाहूजा, सुनीता बिश्नोई, रंजना, अयाना शर्मा, मनोज शर्मा, आरवी पाहूजा, समर्थ शर्मा, कुशाग्र सेठी आदि बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
















