गहलोत ने मुख्य सचिव को भेजा पत्र, आमरण अनशन की दी चेतावनी

bikaner congress leadar gopal gahlot file photo
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बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। निराश्रित पशुओं के लिए प्रस्तावित गौशाला के निर्माण में बरती जा रही ढिलाई के चलते कांग्रेस के नेता एवं पीसीसी सदस्य गोपाल गहलोत ने मुख्य सचिव को पत्र देकर आमरण अनशन की चेतावनी दी है। पत्र में उन्होंने कहा है कि गौशाला निर्माण के संबंध में जिला प्रशासन, नगर निगम और कांग्रेस नेताओं के बीच हुए समझौते की पालना नहीं की जा रही है।

गहलोत ने पत्र बताया है कि कांग्रेस द्वारा बीकानेर शहर में पिछले दो वर्षो से भी अधिक समय से गौषाला बनाने कके लिए आन्दोलन किया जा रहा है। शहर में 20 हजार से अधिक बेसहारा गाय/सांड विचरण करते है। राजस्थान में बीकानेर एक मात्र शहर है जिसमें नगर निगम द्वारा कोई भी गौशाला संचालित नहीं है। गौवंश पॉलीथीन खाकर मर रही है, आये दिन सांडों द्वारा दुर्घटनाएंं होने से कई व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर बीकानेर प्रवास के दौरान बीकानेर शहर में नंदी गौषाला खोलने की घोषणा की थी। इसकी पालना भी नहीं हुई है।

न्यायालय के आदेश की भी पालना नहीं

कांग्रेस नेता गहलोत ने पत्र में अवगत कराया है कि राजस्थान उच्च न्यायालय की डबल बेंच की ओर से 26 फरवरी 2018 को दिए आदेश में प्रशासन और नगर निगम को साफतौर पर कहा है कि अतिशीघ्र गौशाला का निर्माण कराए और सड़कों पर कोई बेसहारा पशु विचरण न करें। इसके बावजूद बीकानेर नगर निगम द्वारा गम्भीरता नहीं दिखाई है।

सहयोग के लिए तैयार हैं भामाशाह

गहलोत ने ज्ञापन में बताया है कि बीकानेर शहर छोटी काशी के रूप में जाना जाता रहा है। हमारी बीकानेर के दानदाताओं, व्यापारियों और भामाशाहों से बातचीत हुई। बीकानेर के भामाशाह गौशाला निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग के लिए तैयार है। इस संदर्भ में हमने जिला कलक्टर एवं निगम आयुक्त को अवगत करवा रखा है कि बीकानेर के भामाशाह निगम की प्लानिंग अनुसार गौशाला निर्माण तीन माह के अन्दर-अन्दर करवा कर निगम को सुपुर्द कर देंगे। इससे बीकानेर नगर निगम व राज्य सरकार को राजस्व की भी बचत होगी, लेकिन नगर निगम द्वारा दो माह से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। इससे बीकानेर शहर की जनता में आक्रोश व्याप्त हो रहा हैं।

नहीं तो आमरण अनशन…

गहलोत ने ज्ञापन में कहा है कि गौशाला के मुद्दे पर पूर्व में एक महीने तक अश्चितकालीन धरना दिया जा चुका है। अब यदि समय रहते गौशाला निर्माण के काम में तेजी नहीं लाई गई तो वे आमरण अनशन करेंगे।