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चारागाह और गोचर भूमि पर अतिक्रमण की एफआईआर भी नहीं होती दर्ज! कलेक्‍टर ने नाराजगी जताई, दिए निर्देश

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बीकानेर Abhayindia.com जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में जिला कलेक्टर ने मुख्यमंत्री कार्यालय से आए परिवेदनाओं की पेंडेंसी, विभिन्न तहसीलों में आपदा से संबंधित प्रपोजल, न्यायालय प्रकरण, फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, खातेदारी, आम रास्ता, सीलिंग केस, चारागाह भूमि पर अतिक्रमण, 16 और 17 सीसीए के अंतर्गत विभागीय जांच के मामलों की समीक्षा समेत विभिन्न मुद्दों पर समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। जिला कलेक्टर ने कहा कि सीएमओ से आए कुल 28 प्रकरण अभी लंबित हैं इनका संबंधित अधिकारी जल्द निस्तारण करना सुनिश्चित करें।

फार्मर रजिस्ट्री करवाने पर
ही मिलेगी किस्त

जिला कलेक्टर ने बताया कि जिले में करीब कुल 2 लाख 67 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है लेकिन इनमें से करीब 1 लाख 10 किसानों ने ही फॉर्मर रजिस्ट्री करवाई है। उन्होने बताया कि जिन किसानों ने अब तक फॉर्मर रजिस्ट्री नहीं करवाई है उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20 वीं किस्त का लाभ नहीं मिल पाएगा। लिहाजा सभी संबंधित किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री करवाना सुनिश्चित करें।

चारागाह, गोचर भूमि पर अतिक्रमण
के मामले दर्ज क्यों नहीं

जिला कलेक्टर ने कहा कि चारागाह और गौचर भूमि पर अतिक्रमण के मामले केवल कोलायत, श्रीडूंगरगढ़, नोखा और लूणकरणसर में क्रमश 186, 25, 06 और 01 दर्ज है, अन्य तहसीलों में दर्ज क्यों नहीं है। जिला कलेक्टर ने सभी तहसीलों में चारागाह और गोचर भूमि पर अतिक्रमण के मामलों को दर्ज करने के निर्देश दिए।

आम रास्ता के 110 प्रकरण 06 महीने
से ज्यादा बकाया, जल्द करें निस्तारण

जिला कलेक्टर ने कहा कि धारा 251 ए के अंतर्गत आम रास्ता के प्रकरण 2 महीने से कम के कुल 132 प्रकरण, 2 महीने से 06 महीने के बीच के 93 प्रकरण और 06 महीने से ज्यादा के 110 प्रकरण बकाया क्यों है। इनक निस्तारण जल्द से जल्द किया जाए।

कुल खसरों के 20 फीसदी पर किसानों
से ही करवानी हैं गिरदावरी

बैठक में जिला कलेक्टर ने बताया कि सरकार ने इस बार कुल खसरों के 20 फीसदी खसरों पर किसानों से ही गिरदावरी करवाना सुनिश्चित किया है लेकिन जिले में अब तक 2-3 फीसदी किसानों ने ही अपने खेत की खुद गिरदावरी की है। उन्होंने बताया कि जिले में 42 लाख खसरों में से 8 लाख खसरों पर किसानों से ही गिरदावरी करवानी है।

किसान खुद भी कर सकता है
अपने खेत की गिरदावरी

जिला कलेक्टर ने बताया कि किसान गिरदावरी एप पर जाकर कोई भी किसान खुद अपने खेत की गिरदावरी कर सकता है। एप पर जन आधार नंबर डालकर कोई भी किसान लॉगइन कर सकता है। फिर गांव व खसरा नंबर डालकर खुद के खेत में जाकर फसल की फोटो और कुल रकबा डालकर सबमिट करना होगा। ये डेटा ऑनलाइन ही पटवारी के पास चला जाएगा। जिसे पटवारी वेरीफाई करेगा। बैठक में जिला कलेक्टर के अलावा एडीएम प्रशासन रामावतार कुमावत, एडीएम सिटी रमेश देव समेत सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

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