Friday, May 15, 2026
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संसोलाव तालाब को भू-माफियाओं से बचाकर हेरिटेज सूची में शामिल करने की उठी मांग, सेवादारों ने श्रमदान से पलट दी काया

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बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर के सबसे प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्रीकाशी विश्‍वनाथ महादेव मंदिर के पास स्थित संसोलाव तालाब को भू-माफियाओं से बचाकर हेरिटेज सूची में शामिल करने की मांग उठाई गई है। मन्दिर काशी विश्वनाथ जी ट्रस्ट और शिवभक्‍तों ने प्रशासन से मांग की है कि यह तालाब बीकानेर के जल संरक्षण ओर सांस्कृतिक इतिहास का भी एक महत्‍वपूर्ण हिस्सा है।

बहरहाल, ट्रस्ट के आग्रह पर तालाव के संरक्षण के लिये सामाजिक कार्यकर्त्‍ता जुगल व्‍यास व अनिल आचार्य के द्वारा संसोलाव तालाब की सफाई करने के लिए नगर निगम की सफाई टीम बुलाकर तालाब एवं आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा है ताकि इस ऐतिहासिक तालाव में आगामी बारिश के दिनों में पानी की आवक बढ सके। इस कार्य में वार्ड नंबर 23 के जमादार अशोक लोहिया, सफाई कर्मचारी किसन कुमार, नन्दलाल, महेन्द्र बारासा, लक्ष्‍मीकांत पण्डित, सावित्री, घनु, संगीता, अजय, राजू, संजय, सुमित, रवि, चेलाराम, कोमल आदि सहयोगी रहे।

मन्दिर काशी विश्वनाथजी ट्रस्ट के ट्रस्टी एडवोकेट सुरेश मोहता, नवरतन मोहता, कमल मोहता ने सेवादारों का धन्यवाद ज्ञापित करते कहा कि संसोलाव तालाब बीकानेर शहर की घरोहर है। इस तालाब ने यहां के लोगों की प्यास बुझाई थी। दुर्भाय की बात है कि आज यही तालाब अपने जीर्णोंद्वार को तरस रहा है और तो और इसके आगोर पर कब्‍जे भी हो रहे हैं। आगोर क्षेत्र खत्म होने से तालाब का सौन्दर्य भी खत्म होने लगा है। इसके बावजूद प्रशासन चुप्‍पी साधे बैठा है। ऐसे में टीम का यह सफाईं कार्य समाज के लिये एक अच्‍छा संदेश है जिसकी ट्रस्ट सराहना करता है।

सामाजिक कार्यकर्त्‍ता जुगल व्‍यास ने बताया कि बारिश का मौसम और हाल ही में तालाब के अन्दर के पीपल के पुराने गट्टे टूट गए और तालाब में कचरा काफी बढ गया था जिसे देख कर सेवादारों द्वारा छोटे स्तर पर यह सफाईं अभियान चलाकर प्रशासन और आम नागरिकों का इस तालाब की दयनीय हालत पर घ्यान आकर्षित करवाया गया है ताकि हमारे संयुक्त प्रयास से इस ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण संभव होगा।

टीम के अनिल आचार्य ने बताया कि पहले भी सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर ऐसे कई सफाई अमियान चलाये जा चुके है लेकिन आगोर क्षेत्र में डाला जाने वाला कचरा, गोबर, अवैध कब्जे व बेकार सामग्री आदि से तालाब पुन: गंदा हो जाता है। इसलिए हम प्रशासन से यह मांग करते है कि संसोलाव तालाब को हेरिटेज सूची में शामिल किया जाए। मंदिर के पुजारी पं. मुन्‍ना महाराज ने बताया कि इस मंदिर और तालाब की आगोर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए आमजन के साथ-साथ प्रशासन को भी आगे आना चाहिए ताकि यह स्‍थान शहर का एक आकर्षक पर्यटन स्‍थल बन सके।

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