








वर्तमान में अच्छी नौकरी हासिल करना मुश्किल तो है ही चुनौतीपूर्ण भी हो गया है। कड़ी मेहनत के बावजूद कई लोगों की नौकरी नहीं मिलना अवसाद का कारण बनता है वहीं, जब व्यक्ति को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिलता है, तो उसमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वह अपने जीवन को उद्देश्यपूर्ण ढंग से जीने लगता है। ऐसे में वास्तु शास्त्र की मदद से कुछ मामूली बदलाव से किस्मत के दरवाजे खुल सकते हैं। घर में किसी भी प्रकार का वास्तु दोष होने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे बेरोजगारी की समस्या आ सकती है। इसलिए, वास्तु दोषों को दूर करने के उपाय कर इस समस्या से मुक्ति पाई जा सकती है।
वास्तु दोष मिटाने के लिए अपने घर और कमरे की उत्तर दिशा की दीवार को व्यवस्थित करें। दीवार पर कोई गैर जरूरी सामान या पुराना सजावट का सामान हो तो उसे तुरंत हटा दें। अपने घर में रखी स्टेशनरी का पुराना सामान, ऑफिस की पुरानी फाइलों को बाहर कर दें और उत्तर दिशा की दीवार को बिलकुल खाली रखें।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जॉब से संबंधित पढ़ाई के लिए लकड़ी का फर्नीचर आयताकार या चौकोर आकार में रखना सबसे अच्छा होता है। अपने आस पास से टूटे हुए फर्नीचर को भी हटा देना चाहिए क्योंकि इससे आर्थिक नुकसान हो सकता है। अगर आप लंबे समय से जॉब से जुड़ी समस्या का सामना कर रहे हैं और अधिक मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है, तो ऐसे में अपने कमरे की उत्तर दिशा में हरे-भरे पौधे रखें। क्योंकि हरियाली को नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
अगर आप किसी ऑफिस के संस्थापक या मालिक हैं तो आपको अपने लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा में एक अलग केबिन बनाना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, कार्यालय में सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चलने के लिए मालिकों को इस क्षेत्र में हमेशा उत्तर की ओर मुंह करके बैठना चाहिए। अगर आप कर्मचारी हैं तो उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें, इससे उत्पादकता बढ़ेगी और आपको अपने करियर में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
अध्ययन कक्ष में इस्तेमाल किए जाने वाले रंग हमारी उत्पादकता को प्रभावित कर सकते हैं। नौकरी के इच्छुक लोगों के लिए हल्के पीले, सुनहरे या हल्के सफ़ेद रंग की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये ज्ञान, बुद्धि और ध्यान को बढ़ावा देते हैं। अपने अध्ययन क्षेत्र में बहुत गहरे रंगों से बचना चाहिए क्योंकि ये नकारात्मकता या आलस्य ला सकते हैं । कई बार ऐसा देखा जाता है कि जॉब की पढ़ाई वाले पढ़ते तो बहुत हैं लेकिन उनकी किताबें इधर-उधर पड़ी रहती हैं जो कि ग़लत हैं। घर में में युद्ध, रोता हुआ व्यक्ति, डूबता हुआ जहाज, सुनसान रास्ता या वीरान जंगल जैसी तस्वीरें न रखें। ये चित्र नकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं और करियर में बाधा उत्पन्न करते हैं। बिजली के उपकरण हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने चाहिए। पॉजिटिव एनर्जी बढ़ाने के लिए यह सुनिश्चित करें कि जिस कमरे में ये वस्तुएं रखी गई हैं, उसमें अच्छी रोशनी हो । वास्तु एक प्राचीन विज्ञान है, जो हमारे जीवन के कई पहलुओं को बेहतर बनाने में मदद करता है।
माना जाता है कि जिंदगी में तरक्की करने के लिए वास्तु के नियमों का पालन करना चाहिए। इसके लिए किसी योग्य वास्तुविद से परामर्श लेना उचित रहेगा। -सुमित व्यास, एम.ए (हिंदू स्टडीज़), काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी, मोबाइल – 6376188431


