कलक्टर ने कहा- अफसर और शिक्षक गर्मी की छुट्टियों में ही कर लें ये काम…

बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी अभी से ही कार्य योजना बना लें जिससे की आगामी सत्र में एक भी विद्यार्थी नियमित शिक्षा से वंचित नहीं रहे। गौतम शुक्रवार को कलक्टे्रट सभागार में मिड-डे मील तथा जिला निष्पादन समिति की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मिड डे मील में मिलने वाला पोषाहार चिन्हित स्कूलों में ग्रीष्मावकाश के दौरान विद्यार्थियों को मिले, इसकी पुख्ता व्यवस्था की जाए।

गौतम ने कहा कि कार्य योजना में यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि डोर-टू-डोर सर्वेक्षण हो जाए, जिसमें जिले के सभी एन.जी.ओ. का भी सहयोग लिया जाए। स्कूल में प्रवेश के बाद बच्चे ड्रोप आउट नहीं हो इसके लिए भी आस-पास के मौजिज व्यक्तियों तथा क्षेत्रवार स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ समय-समय पर बैठक की जाए। अगर कोई विद्यार्थी ड्रोप आउट होता है तो उसे पुन: नियमित शिक्षा से जोडऩे का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में अंग्रेजी व गणित विषय की अतिरिक्त समय में विशेष कक्षाएं संचालित की जाए।

कलक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करें, इस दौरान स्कूल में पाई जाने वाली खामियों के बारे में अपनी पूरी रिपोर्ट विजिटर्स रजिस्ट्रर में दर्ज करेंगे तथा शाला दर्पण में भी रिपोर्ट को अपडेट किया जाए, जिससे भविष्य में जो भी अन्य अधिकारी उसी स्कूल का पुन: निरीक्षण करता है तो रजिस्ट्रर व शाला दर्पण में देखकर उन कमियों की ठीक होने की जानकारी ले सकें ताकि कमी पूरी नहीं होने पर उच्च अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का निदान करवाया जा सकें।

अध्यापकों का होगा परीक्षण

कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा विद्यार्थियों की अभ्यास पुस्तिकाओं की जांच करने वाले अध्यापकों का भी परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण में फेल होने पर उनके खिलाफ राज्य सरकार को लिखकर अनुशासनात्मक कार्यवाही करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की अभ्यास पुस्तिकाओं की जांच के समय शिक्षकों को दिनांक भी अंकित करनी होगी। अध्यापकों द्वारा जांच की गई अभ्यास पुस्तिकाओं की जांच शिक्षा विभाग के अधिकारी निरीक्षण के दौरान करेंगे।

निरीक्षण के दौरान अभ्यास पुस्तिकाओं में शिक्षकों द्वारा शब्दों की शुद्धता, प्रश्नों के सही उत्तरों को जांच पर अंकित टिप्पणी का निरीक्षण करेंगे। अभ्यास पुस्तिकाओं में शिक्षकों के जांच के बावजूद, शब्दों के अशुद्ध होने, प्रश्नों का सही उतर नहीं लिखने सहित विविध खामियां पाएं जाने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

निर्माण कार्य हो गुणवत्ता सहित

गौतम ने कहा कि समसा के तहत होने वाले सभी निर्माण कार्य पूर्णगुणवत्ता के साथ निश्चित समय सीमा में हो जाए, यह सुनिश्चित कर लिया जाए। कार्य की गुणवत्ता के लिए अलग-अलग एजेन्सियों के माध्यम से समय-समय पर जांच करवाना सुनिश्चित करें। जांच व्यवस्था के तहत 50 लाख रुपए से अधिक के कार्यों की गुणवत्ता की जांच सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से करवाई जाएगी, इसी तरह इससे कम राशि के कार्यों की जांच में इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों का सहयोग लिया जाएगा।

बैठक में जिला रसद अधिकारी यशवंत भाकर, जिला शिक्षा अधिकारी मोहम्मद इस्माइल, मुख्य परियोजना समन्वयक साक्षरता राजेन्द्र जोशी, राजकुमार शर्मा, सलीम मोहम्मद पडि़हार सहित समसा के अधिकारी उपस्थित थे।