Tuesday, June 23, 2026
Hometrendingपूर्व प्रधान भोमराज आर्य की पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ रक्तदान शिविर, मंत्री...

पूर्व प्रधान भोमराज आर्य की पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ रक्तदान शिविर, मंत्री भाटी ने कहा …

AdAdAdAdAdAdAdAdAdAd

बीकानेर abhayindia.com बीकानेर पंचायत समिति के पूर्व प्रधान स्व. भोमराज आर्य की तृतीय पुण्य तिथि के अवसर पर गांव बासी बरसिंहसर में भोमराज आर्य सर्वजन परमार्थ ट्रस्ट के द्वारा ग्राम पंचायत भवन में विशाल रक्तदान शिविर आयोजित कर, स्वर्गीय आर्य को श्रद्धासुमन अर्पित कर, श्रद्धांजलि दी गई।

रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों ने स्वर्गीय भोमराज आर्य के द्वारा किए गए कार्यों का स्मरण किया गया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने रक्तदान कक्ष का अवलोकन किया और युवाओं के इस कदम की सराहना करते हुए हौसला अफजाई की।

रक्तदान महादान– उच्च शिक्षा मंत्री भाटी ने स्वर्गीय भोमराज आर्य के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला और कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता है। रक्तदाताओं की खून की चंद बूंदों से किसी घर का चिराग बुझने से बचाया जा सकता। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन भगवान का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ उपहार है। मानव शरीर से दिया हुआ रक्त अगर किसी व्यक्ति की अंधेरी जिंदगी में उजियारा लेकर आता है तो इससे बड़ा पुण्य और परोपकार की बात क्या हो सकती है ?
भाटी ने कहा कि यह सत्य है कि चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में तमाम तरक्की के बावजूद रक्त को किसी लैब, फैक्टरी या संस्थान में तैयार नहीं किया जा सकता है और न ही मनुष्य को जानवर का खून दिया जा सकता है। रक्तदान करने से लोग कुछ हिचकते हैं, जो गलत है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को अवश्य रक्तदान करना चाहिए।

रक्तदान विश्व का सबसे बड़ा दान- भाटी ने कहा कि रक्तदान को विश्व में सबसे बड़ा दान माना गया है क्योंकि रक्तदान ही है, जो न केवल किसी जरूरतमंद का जीवन बचाता है बल्कि जिंदगी बचाकर उस परिवार के जीवन में खुशियों के ढ़ेरों रंग भी भरता है। आपके द्वारा किए गए रक्तदान से मरते हुए व्यक्ति की जिंदगी बचती है तो आपको कितनी खुशी होगी। उन्होंने कहा कि दरअसल रक्तदान के महत्व को लेकर किए जाते रहे प्रचार-प्रसार के बावजूद आज भी बहुत से लोगों के दिलोदिमाग में रक्तदान को लेकर कुछ गलत धारणाएं विद्यमान हैं, जैसे रक्तदान करने से संक्रमण का खतरा रहता है, शरीर में कमजोरी आती है, बीमारियां शरीर को जकड़ सकती है। उन्होेंन कहा कि इस तरह की भ्रांतियों को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रक्तदान करने से शरीर को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होता बल्कि रक्तदान से तो शरीर को कई फायदे ही होते है।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड-19 का वैक्सीनेशन अन्य राज्यों की तुलना में अधिक हुआ है। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना समाप्त नहीं हुआ है, इससे सावचेत रहने की जरूरत है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि कोविड-19 के लिए जारी गाइड लाइन की पालना करते हुए हमें कोविड-19 से बचने के लिए टीकाकरण करवाना है। तहसीलदार सुमन शर्मा ने भी ग्रामीणों को कोविड वैक्सीनेशन लगवाने की प्रक्रिया की जानकारी दी।

इस अवसर पर अम्बाराम इणखियां, लक्ष्मण कडवासरा, शिवलाल गौदारा, पूर्व प्रधान कन्हैया लाल सियाग, वल्लभ कोचर, पूर्व पंचायत समिति सदस्य माणकदास, हरफुल सैनी, पंचायत समिति सदस्य राम निवास गोदारा, रामचंद्र चौधरी, नारायण राम कस्वां,सुमित कोचर, नन्दराम गोदारा, जगदीश कस्वां आदि ने स्व.भोमराज आर्य को सच्चा जनहितेषी,गरीब की मदद को तैयार रहने और ग्रामीण विकास में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री ने शिविर में रक्तदान करने वाले युवाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए। इससेे पहले समारोह में सभी अतिथियों ने स्वर्गीय भोमराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर, उन्हें श्रद्धांजलि दी। रक्तदान शिविर में पीबीएम अस्पताल की रक्तबैंक की टीम ने सेवाएं दी। टीम में शामिल

डाॅ. कुलदीप मेहरा व डाॅ. कालूराम मेघवाल के नेतृत्व में लैब टैक्सीयिन ने 300 यूनिट रक्त का संग्रहण किया। डाॅ.मेहरा ने बताया कि शिविर में पुरूषओं व महिलाओं ने  रक्तदान किया।

AdAdAdAdAdAdAdAdAdAdAdAdAdAd
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!