Thursday, June 4, 2026
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बीकानेर : अबकी बार शराब ठेकों को लेकर कारोबारियों में इसलिए है दुगुना उत्साह…

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बीकानेर abhayindia.com नई आबकारी नीति इस बार दी गई सहूलियतों के कारण ठेके आंवटन के लिये शराब कारोबारियों में दुगुना जोश देखने को मिल रहा है। बीकानेर में अंग्रेजी शराब दुकानों के लिये अब तक दो दर्जन से ज्यादा आवेदन ऑनलाईन जमा हो चुके है। अगले हफ्ते इसमें दुगुनी बढोतरी होने की संभावना है।

जिला आबकारी अधिकारी भवानी सिंह ने बताया कि नई आबकारी नीति में शराब ठेकेदारों को ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है। इस बार किए गए नवाचार के तहत गारंटी पूर्ति का माल आसानी से खपाने की सुविधा मिलेगी, जिससे ठेकेदारों को पहले की तरह अवैध रूप से माल पार करने जैसे तरीकों से मुक्ति मिल जाएगी। ऐसे में शराब परिवहन के मामले में सीधे तौर पर होने वाला पुलिस का हस्तक्षेप भी लगभग खत्म हो जाएगा।

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उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग ने शराब व्यवसाइयों को आकर्षित करने के लिए इस बार कुछ इसी तरह का प्रावधान किया है। इसके तहत एक से दूसरी दुकान के बीच माल ले जाने के लिए परिवहन परमिट जारी करने का प्रावधान किया है। पहली बार हुए इस तरह के प्रावधान से शराब व्यवसाइयों को फायदा मिलेगा तथा पुलिस का हस्तक्षेप भी कम होगा।

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नई नीति के तहत ठेकेदार अपनी गारंटी मात्रा को अन्य अनुज्ञाधारी को स्थानांतरित कर सकेगा। इसके लिए बकायदा उसे टीपी जारी की जाएगी। ऐसे में एक दुकान से दूसरी दुकान तक स्थानांतरित होने वाली यह खेप वैध तरीके से परिवहन की जा सकेगी। पूर्व में इस तरह का प्रावधान नहीं था, जिससे ठेकेदार को अपनी गारंटी पूर्ति का माल खपाने के लिए अवैध तरीके अपनाने पड़ रहे थे। चोरी-छिपे माल परिवहन के कारण आबकारी व पुलिस के डंडे का भी डर रहता था, लेकिन टीपी जारी होने से इस तरह के मामलों पर अब पुलिस भी हस्तक्षेप नहीं कर पायेगी।

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समूह क्षेत्र में लगा सकेंगे गोदाम: दुकान में माल खत्म होने पर तत्काल ही सरकारी दुकान से खेप लाने की माथापच्ची से भी मुक्ति मिल गई है। अब समूह क्षेत्र में रिटेल ऑफ दुकान के साथ ही गोदाम लगाने का प्रावधान किया गया है, जिससे अपने स्टॉक के अनुसार ठेकेदार पहले से ही माल जमा कर सकेगा। इससे बार-बार सरकारी गोदाम के चक्कर लगाने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।

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अवैध मामलों में कर सकते हैं कार्रवाई : आबकारी नियमों के तहत वैसे भी शराब की दुकानों पर पुलिस का सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं होता है। जांच के लिए दुकानों में जाना पड़े तो पुलिस में उप अधीक्षक स्तर से नीचे के अधिकारी को प्रवेश की अनुमति ही नहीं है। इसमें भी आबकारी निरीक्षक का साथ होना आवश्यक है। लेकिन, अवैध रूप से माल परिवहन जैसे मामलों में पुलिस सीधे ही कार्रवाई कर सकती है।

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आबकारी में राजस्व बढऩे का अनुमान: नए प्रावधान के तहत इस बार समूह क्षेत्र में गोदाम लगाया जा सकेगा। वहीं गारंटी पूर्ति का माल अन्य दुकान में खपाने के लिए टीपी दी जा सकेगी। ऐसे में ठेकेदारों को इस बार काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इससे नए लोग भी शराब व्यवसाय की ओर से आकर्षित होंगे तथा आबकारी महकमे को आवेदन से मिलने वाला राजस्व भी काफी हद तक बढऩे का अनुमान है।

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