





जयपुर Abhayindia.com कृषि विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र राजसमन्द में आयोजित कार्यक्रम में फर्टीलाइजर सेल्स एप्पलीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) का शुभारम्भ किया। इस अभिनव व्यवस्था को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राजसमंद एवं सिरोही जिलों में लागू किया गया है। कार्यक्रम में एडीएम नरेश बुनकर सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, किसान एवं कृषि आदान विक्रेता उपस्थित रहे।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को पारदर्शी, सुगम एवं तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि एफएसएएस प्रणाली के माध्यम से किसानों को उनकी फार्मर आईडी के आधार पर अनुदानित उर्वरकों का वितरण किया जाएगा। इससे उर्वरक वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी तथा वास्तविक किसानों तक समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
इस प्रणाली की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर राजसमंद जिले से की गई है। अब किसान अपने मोबाइल फोन के माध्यम से उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें खाद की आपूर्ति पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित कराई जाएगी। इससे किसानों को खाद लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा तथा समय और श्रम दोनों की बचत होगी। साथ ही उर्वरकों की कालाबाजारी एवं अनियमित वितरण पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।
एडीएम नरेश बुनकर ने कहा कि तकनीक आधारित यह पहल किसानों को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को समय पर आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने किसानों से इस प्रणाली का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। अतिरिक्त निदेशक कृषि खंड भीलवाड़ा निरंजन सिंह राठौड़ ने कहा कि फर्टीलाइजर सेल्स एप्पलीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।






