Friday, May 15, 2026
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भवानीशंकर व्यास ‘विनोद’ अपने साहित्यिक अवदान से लोगों के दिलों में सदैव जीवित रहेंगे

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बीकानेर Abhayindia.com अजित फाउण्डेशन की ओर से साहित्य मनीषी भवानीशंकर व्यास ‘विनोद’ के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भवानी शंकर व्यास द्वारा संस्थापित संस्था सुरभि साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थान के अध्यक्ष गोविन्द जोशी ने व्यास के सान्निध्य में बिताए समय एवं यादों को ताजा करते हुए कहा कि भवानीशंकर व्यास से विरले व्यक्ति बहुत कम होते है। व्यास ने हमेशा युवा एवं नारी शक्ति को बढाने के लिए प्रयास किए तथा साहित्यकारों को प्रोत्साहित किया।

प्रेरणा प्रतिष्ठिान के अध्यक्ष प्रेमनारायण व्यास ने बताया कि भवानी शंकर व्‍यास ने हमेशा समय एवं अनुशासन पर चलने एवं कार्यक्रमों को योजनाबद्ध एवं सुनियोजित तरीके से संचालित करना सिखाया। वे मेरे आदर्श थे तथा मैं उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास करूंगा। मेरे लिए उनका निधन व्यक्तिगत क्षति है। संस्था समन्वयक संजय श्रीमाली ने बताया कि भवानीशंकर व्यास साहित्य के प्रेरणा पुंज थे। उन्होंने कई नवोदय लेखकों को तैयार किया जिससे बीकानेर के साहित्य जगत में ऊर्जा बनी रही। व्यास अजित फाउण्डेशन के मार्गदर्शक रहे तथा संस्था द्वारा प्रकाशित साहित्यिक पत्रिका ‘विकल्प’ के संपादक भी रहे।

हास्य एवं व्यंग्य कवि बाबू लाल छंगाणी ने कहा कि उन्हें मंच संचालन की प्रेरणा भवानीशंकर व्यास से मिली तथा व्यास ने नारी शक्ति को बढ़ाने के लिए भी काफी कार्य किया। वरिष्ठ कवि एव लेखक जुगल किशोर पुरोहित ने कहा कि भवानीशंकर व्यास ने शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में रहकर नई पीढ़ी को संस्कारित किया। पत्रकार महेन्द्र जोशी ने बताया कि व्यास साहित्य योगदान के कारण हमारे दिलों हमेशा बने रहेंगे। युवा कवि एवं लेखक विप्लव व्यास ने कहा कि उन्हें साहित्य की शिक्षा के साथ अनुशासन एवं कार्य के प्रति सजगता के गुण भवानीशंकर से मिले। समाजसेवी एवं कवि गिरिराज पारीक ने कहा कि व्यास ने बड़े-बड़े मंचों पर कुशल संचालन करते हुए साहित्य जगत में अपनी अनूठी छाप छोड़ी। कार्यक्रम में सुरभि संस्था के सचिव दिनेश उपाध्याय देवेन्द्र ओझा, गौरीशंकर शर्मा, परमेश्वर माली सहित कई युवा युवतियां उपस्थित रहे।

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