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गोचर को लेकर जिलाधीश के सामने बैठे ब्राह्मण, साधु-संत और गोप्रेमी, सरजूदास महाराज ने कहा- बीच का कोई रास्‍ता नहीं, गोचर मतलब गोचर…

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बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में गोचर भूमि के अधिग्रहण को लेकर चल रहे विवाद के बीच आज जिला कलक्‍ट्रेट के समक्ष वेदपाठी ब्राह्मणों और साधु संतों द्वारा रुद्राभिषेक, गोपाल गौयज्ञ व आरती का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय संत महामंडलेश्वर सरजूदास महाराज के सान्निध्य और पं. जुगलकिशोर ओझा (पुजारी बाबा) एवं ज्योतिषाचार्य पं. राजेन्द्र किराड़ू के आचार्यत्व में हुए इस आयोजन में गोप्रेमी और खासतौर से बड़ी संख्‍या में महिलाएं भी शामिल हुईं।

महामंडलेश्वर सरजूदास महाराज ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यह छोटी काशी बीकानेर का दुर्भाग्‍य है कि आज गोचर की रक्षा के लिए सभी ब्राह्मण, साधु संत जिलाधीश के सामने बैठने को मजबूर हुए है। वे कहते हैं सनातन की सरकार है, डबल इंजन की सरकार है लेकिन, बीकानेर के इतिहास में पहली बार भाजपा सरकार के माथे पर नेताओं ने गोचर पर कब्‍जा करके यह तिलक लगाया है।

सरजूदास महाराज ने कहा कि जब बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) बना तो हमने सोचा कि विकास की नीति लेकर आएंगे लेकिन इसकी नीति विकास की नहीं गोचर पर कब्‍जा करने की नीति है। हम इसका विरोध करते है। यदि यह सरकार नहीं मानती है कि तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

उन्‍होंने सरकार पर इशारा करते हुए कहा कि यह गाय को मानते हैं लेकिन गोचर पर कब्‍जा करने की मानसिकता बना रखी है। इनकी मानसिकता ही खराब हो गई है। इसके लिए हमने यहां सद्बुदि्ध यज्ञ का आयोजन रखा है। गोचर के लिए यदि हमें अपने प्राण भी देने पड़े तो हमें पीछे नहीं रहेंगे। उन्‍होंने साफतौर पर कहा कि गोचर को लेकर प्रशासन के साथ कोई बीच का रास्‍ता नहीं अपनाया जाएगा। गोचर मतलब गोचर ही रहेगी। हम एक इंच जमीन भी नहीं देंगे।

सरजूदास महाराज ने गोचर को लेकर विधायकों को भी नसीहत देते हुए कहा कि आप सरकार पर दबाव डालिये। यह बहुत ही गंभीर विषय है। गोचर पर कब्‍जा करने की मानसिकता को खत्‍म करना होगा। उन्‍होंने गोचर आंदोलन की आगामी कार्ययोजना के सवाल पर बताया कि बीकानेर के साधु संत आने वाले दिनों में प्रेस वार्ता करेंगे। इसके बाद ऐतिहासिक आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।

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