Sunday, June 21, 2026
Hometrendingमुफ्त में वेतन के भुगतान करवाने के मामले में प्रधानाचार्य एक वेतन...

मुफ्त में वेतन के भुगतान करवाने के मामले में प्रधानाचार्य एक वेतन वृद्धि को रोकने के दंड से दण्डित

AdAdAdAdAdAdAdAdAdAd

बीकानेर Abhayindia.com राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय देशनोक के सञ्चालन में 20-09-23 से 07-11-23 तक की समयावधि में शासन के आदेश की अवहेलना कर मनमानी पूर्ण शाला के सञ्चालन समय में प्रतिदिन एक घंटे की कटौती करने के लिए तथा शाला में शिक्षण व्यवस्था में लगाये गए तीन अध्यापकों को एक साल की अवधि में बिना किसी तरह का शिक्षण कार्य करवाए मुफ्त में वेतन के भुगतान करवाने के मामले में शाला की तत्कालिक प्रधानाचार्य उर्मिला चारण को CCA रूल्स 16 में आरोप प्रमाणित होने के बाद निदेशक मा. शिक्षा बीकानेर ने एक वेतन वृद्धि को रोकने के दंड से दण्डित किया है।

इस प्रकरण की प्राथमिक जांच नोखा की CBEO माया बजाड़ ने की थी, जिसका प्रमाण शाला की स्टाफ उपस्थिति पंजिका है जिसमें शाला के समस्त स्टाफ के द्वारा 20-09-23 से 07-11-23 तक की समयावधि में प्रथम पारी में 7;30 से 12;30 और द्वितीय पारी 12;30 से 05;30 तक के हस्ताक्षर दर्ज किये थे तथा शाला का समय विभाग चक्र है, जिसमे शिक्षण व्यवस्था में लगे अध्यापकों को कक्षा शिक्षण के लिए कोई कालांश आवंटित नहीं किया गया था। अपने बचाव में आरोपी प्रधानाचार्य का कथन है कि उक्त अवधि में समस्त स्टाफ को घर घर पढ़ने के लिए भेजा गया, जिसमें लैब सहायक, पुस्तकालय अध्यक्ष, चपरासी, लिपिक वर्ग और स्वय प्रधानाचार्य भी शामिल थी, गैर शैक्षणिक कार्मिकों को घर घर पढ़ाने के लिए भेजे जाना का तर्क बेहद बेतुका है।

प्राथमिक जांच में जांच अधिकारी ने दस्तावेजी सबूत यानि उपस्थिति पंजिका के आधार पर तथा शाला के समय विभाग चक्र के आधार पर आरोप प्रमाणित किये और CCA रूल्स 16 में चार्जशीट प्रस्तावित की गई, जिसकी जांच सयुंक्त निदेशक महेंद्र शर्मा ने की और दस्तावेजी सबूतों तथा स्टाफ के सदस्यों के बयानों के आधार पर आरोप प्रमाणित किये गए।

शिकायतकर्ता संजीव यादव ने शासन के आदेशों की अवहेलना कर शाला के सञ्चालन समय में अपनी मनमर्जी से एक घंटा की कटौती करने के तथा एक साल तक तीन कार्मिकों को बिना काम करवाए वेतन का भुगतान करवाने के गंभीर अपराध प्रमाणित होने के बावजूद मात्र एक वेतन वृद्धि रोकने के छोटे से दंड दिए जाने पर निराशा व्यक्त की है।

AdAdAdAd
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!