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विश्व जूनोसिस दिवस (6 जुलाई 2026) : एक बाल रोग विशेषज्ञ की कलम से, बीकानेर क्षेत्र विशेष

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प्रिय अभिभावकों एवं साथियों, आज 6 जुलाई विश्व जूनोसिस दिवस है। इसी दिन 1885 में लुई पाश्चर ने रेबीज का पहला टीका लगाकर इंसान और जानवरों के बीच फैलने वाली बीमारियों के खिलाफ जंग की शुरुआत की थी। बीकानेर क्षेत्र में हम रोज़ 3 ऐसी जूनोटिक बीमारियों से सबसे ज्यादा मिलते हैं जो सीधे हमारे बच्चों को प्रभावित करती हैं : ब्रुसेलोसिस, स्क्रब टायफस और कुत्ते के काटने से रेबीज। एक बाल रोग विशेषज्ञ के तौर पर मेरा मकसद सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि आपको जागरूक करके इनसे बचाना है।

बीकानेर में सबसे आम 3 
जूनोसिस और बचाव

1. ब्रुसेलोसिस : दूध से आने वाला बुखार

क्यों होता है : कच्चा दूध, अधपका पनीर, संक्रमित बकरी/गाय/ऊंट के संपर्क से

लक्षण : 2-3 हफ्ते से लगातार बुखार, शाम को तेज, जोड़ों में दर्द, पसीना, कमजोरी

बचाव : दूध हमेशा उबालकर पिलाएं। कच्चा दूध बिल्कुल नहीं, जानवरों को संभालते समय दस्ताने पहनें, बुखार 2 हफ्ते से ज्यादा रहे तो खून की जांच जरूरी है। इलाज संभव है।

2. स्क्रब टायफस - घास 
और झाड़ियों का बुखार

क्यों होता है : खेत-घास में पाए जाने वाले नन्हे कीट के काटने से और पालतू जानवरों की खाल पर लगे कीटों से। बरसात और फसल के बाद मामले बढ़ते हैं।

लक्षण : तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर पर काला निशान, खांसी, चकत्ते

बचाव : खेत/घास में पूरे कपड़े और जूते पहनाएं, घर आकर तुरंत नहलाएं और कपड़े धोएं, बुखार + काला निशान दिखे तो देरी न करें। सही दवा से 48 घंटे में राहत।

3. कुत्ते का काटना और रेबीज – सबसे खतरनाक लेकिन 100 प्रतिशत रोका जा सकता है।

बचाव : तुरंत 15 मिनट साबुन और बहते पानी से धोएं, उसी दिन डॉक्टर के पास जाएं, रेबीज का टीका और जरूरत पर प्रतिरक्षा इंजेक्शन लगवाएं। पालतू कुत्ते का टीका समय पर लगवाएं और बच्चों को सिखाएं

डॉ. श्याम अग्रवाल के 5 सुनहरे नियम

1. उबालो, पकाओ, छीलो या छोड़ दो : कच्चा दूध, कच्ची सब्जी, अधपका मांस

2. हाथों की सफाई : जानवर छूने और खाने से पहले हाथ धोना

3. सुरक्षित खेल : खेत, कचरे, झाड़ियों में नंगे पैर न खेलें

4. पालतू की सुरक्षा : पालतू का सालाना टीकाकरण और कृमिनाशक दवा

5. पांच दिन से ज्यादा बुखार = डॉक्टर : लगातार बुखार को नजरअंदाज न करें

याद रखिए...

जूनोसिस से डरना नहीं है, समझदारी बरतनी है। 90 प्रतिशत मामले साफ-सफाई और समय पर इलाज से रोके जा सकते हैं। लुई पाश्चर ने रास्ता दिखाया। आज हमारी जिम्मेदारी है बच्चों को सुरक्षित रखना। इस विश्व जूनोसिस दिवस पर संकल्प लें- “एक स्वस्थ बच्चा, एक स्वस्थ परिवार, एक स्वस्थ बीकानेर।” किसी भी संदेह या लगातार बुखार के लिए तुरंत अपने बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। -डॉ. श्याम अग्रवाल, बाल रोग विशेषज्ञ, बीकानेर

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