Friday, May 15, 2026
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आरटीई के तहत प्रवेश नहीं होने का मामला गर्माया, अभिभावकों ने तेज किया संघर्ष, गहलोत से मिले पीड़ित

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जयपुर Abhayindia.com शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत स्‍कूलों में बच्चों के प्रवेश नहीं होने से परेशान अभिभावकों ने संघर्ष तेज कर दिया है। संयुक्त अभिभावक संघ के नेतृत्व में पीड़ित अभिभावकों ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास से मुलाकात कर अपनी व्‍यथा बताई है।

आपको बता दें कि पीड़ित अभिभावक छले एक माह से अभिभावक सड़कों पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई न होने पर अब उन्होंने विपक्षी नेताओं का दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया है। संयुक्त अभिभावक संघ के बैनर तले सोमवार को 50 से अधिक अभिभावक पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास से मिले। अभिभावकों ने बताया कि चार महीने से लगातार शिक्षा विभाग और सरकार के चक्कर काटने के बावजूद बच्चों का दाखिला नहीं हो पा रहा है, जिससे वे अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौके पर शिक्षा निदेशक सीताराम जाट से फोन पर बात कर पूरे मामले का संज्ञान लेने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने अभिभावकों की पीड़ा समझते हुए आंदोलन करने की चेतावनी दी।

संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि 10 अगस्त को शिक्षा उपसचिव ने स्पष्ट किया था कि कोर्ट ने दाखिले पर कोई रोक नहीं लगाई है, केवल पुनर्भरण राशि को लेकर स्टे है। इसके बावजूद निजी स्कूल कोर्ट के आदेश का हवाला देकर अभिभावकों को गुमराह कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि चयनित विद्यार्थियों का दाखिला सुनिश्चित करे अन्यथा नियमपूर्वक कार्रवाई की जाए।

जैन ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शिक्षा निदेशक ने तुरंत उन सभी स्कूलों की जानकारी मांगी है, जो दाखिले से इंकार कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश देने की बात भी कही। संघ के पदाधिकारी मंगलवार को विपक्ष के नेता टीकाराम जूली से मुलाकात करेंगे और इसके बाद उनके पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से मिलने की भी संभावना है।

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