








जयपुर Abhayindia.com राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) घोटाले की गूंज अब प्रदेशभर में हो रही है। इस बीच, भजनलाल सरकार भी सख्त कार्रवाई के मूड में आ गई है। मुख्य सचिव सुधांश पंत की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवों की कमेटी की बैठक सचिवालय में हुई। बैठक में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम में दवा की जगह घरेलू सामान लेने वाले कार्मिकों पर कार्रवाई को लेकर सख्त नजर आए।
मुख्य सचिव पंत ने बैठक में मौजूद अलग-अलग विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिवों को निर्देश दिए कि योजना में जिन विभागों के कार्मिकों की ओर से अनियमितताएं सामने आई हैं, उनको संबंधित विभागों के प्रमुख एक सप्ताह में निलंबित करें।
आपको बता दें कि आरजीएचएस में अनियमितताओं पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। योजना का गलत फायदा उठाने पर शिक्षा विभाग ने जयपुर जिले के बस्सी क्षेत्र के खो घाटी स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल की सीनियर टीचर कुंबोदिनी मीना को निलंबित कर दिया है। उन पर आरजीएचएस कार्ड का दुरुपयोग कर सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप है। इस संबंध में संयुक्त निदेशक मंजू शर्मा ने आदेश जारी किए हैं।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी, हरजी लाल अटल ने बताया कि योजना में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्राथमिक शिक्षा, चिकित्सा, गृह, विद्युत वितरण निगम और आयुर्वेद विभाग के 473 कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा गया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने दवाइयों की जगह अन्य सामान लिया, पंचकर्म व शिरोधारा जैसी सेवाओं का अनावश्यक उपयोग किया और मेडिकल स्टोर्स की मिलीभगत से फर्जी पर्चियां बनवाईं।
आपको यह भी बता दें कि विभिन्न विभागों के 12 कार्मिकों और 2 चिकित्सकों को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि इन कर्मचारियों ने योजना का फायदा खुद की बजाय रिश्तेदारों, किरायेदारों और मित्रों के लिए उठाया। वहीं, जिन डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई, उन पर बिना जांच दवा लिखने और फर्जी प्रिस्क्रिप्शन बनाने का आरोप है। इसी तरह वित्त विभाग की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने कार्रवाई तेज की है। चूरू के शिवम ड्रग स्टोर, सीकर के गुरू कृपा अस्पताल, न्यू इंडिया मेडिकल स्टोर और नागौर की एक सहकारी समिति की दुकान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।


