Thursday, June 4, 2026
Hometrendingआनासागर में अवैध मत्स्याखेट पर सख्त कार्रवाई, 6 नावें, 40 करंट जाल व 400 किलो मछली...

आनासागर में अवैध मत्स्याखेट पर सख्त कार्रवाई, 6 नावें, 40 करंट जाल व 400 किलो मछली जप्त

AdAdAdAdAdAdAdAdAdAd

जयपुर Abhayindia.com जिला मत्स्य विभाग की ओर से झीलों में अवैध मत्स्याखेट की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत शनिवार रात्रि को आनासागर पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान मौके से 6 नावें, 12 चप्पू, लगभग 40 फसला करंट जाल तथा करीब 400 किलो मछली जप्त की गई।

सहायक निदेशक मत्स्य मदन सिंह ने बताया कि विभाग को आनासागर में अवैध मत्स्याखेट की गतिविधियों की सूचना प्राप्त हो रही थी। इसी के मद्देनज़र निरीक्षण दल ने शनिवार रात्रि लगभग 11 बजे फॉयसागर पुलिस चौकी के सामने वाली गली से होते हुए अंदर की चौपाटी क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चौपाटी के समीप लावारिस अवस्था में 6 नावें एवं 12 चप्पू पाए गए, जिससे अवैध मत्स्याखेट का आभासा हुआ। चैकिंग दल द्वारा सम्पूर्ण चौपाटी का मौका निरीक्षण किया गया लेकिन मौके पर कोई व्यक्ति नहीं मिला।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण दल द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए लावारिस नावों एवं चप्पुओं को जब्त कर रात्रि में ही पिकअप वाहन के माध्यम से मत्स्य कार्यालय पहुंचाया गया। पूरी रात सघन निगरानी एवं चैकिंग की गई, किंतु सुबह तक कोई भी व्यक्ति जाल निकालने के लिए नहीं पहुंचा।

उन्होंने बताया कि रविवार प्रातः 9 बजे नगर निगम द्वारा उपलब्ध करवाई गई दो नावों तथा आठ मजदूरों की सहायता से झील में डाले गए लगभग 40 फसला करंट जालों को निकाला गया। इन जालों में फंसी करीब 400 किलो मछलियों को बाहर निकालकर निर्धारित स्थान पर एकत्रित किया गया तथा जाल से अलग किया गया। समस्त जाल एवं मछलियों को मत्स्य अधिनियम के प्रावधानों के तहत विधिवत जप्त कर मत्स्य कार्यालय में जमा कर इन्द्राज किया गया। जप्त मछलियों को पिकअप वाहन द्वारा मछली मण्डी अजमेर लाकर सार्वजनिक नीलामी की गई, जिससे लगभग 30 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

सहायक निदेशक ने बताया कि जिले में अवैध मत्स्याखेट पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी एवं सघन अभियान जारी रहेगा। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध मत्स्य नियमों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि झीलों में अवैध मत्स्याखेट की सूचना तत्काल विभाग को दें, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!