बीकानेर Abhayindia.com कोविड अस्पताल एवं कोविड केयर सेंटरों में कोरोना पॉजीटिव मरीजों को किसी प्रकार की समस्याएं, कोई परेशानी होने की स्थिति में उनका त्वरित निस्तारण किया जा सके। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव राजकुमार किराड़ू के नेतृत्व में 13 से 20 अगस्त तक सुपर स्पेशलिएटी सेंटर परिसर में अस्थाई शिविर लगाया गया था।
किराड़ू ने इस दौरान कोरोना मरीजों एवं उनके परिजनों से दूरभाष पर एवं नेगेटिव हो चुके मरीजों से व्यक्तिगत मुलाकात कर अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में विचार विमर्श किया था। आठ दिनों में पॉजीटिव से नेगेटिव हो चुके लगभग 50 लोगों एवं प्रतिदिन लगभग 100-150 कोरोना मरीजों एवं उनके परिजनों से बात की।
मरीजों को राहत दिलाना उद्देश्य…
इस दौरान सामने कुछ समस्याओं का समाधान कराने के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलक्टर के माध्यम से भेजा है। यह ज्ञापन चिकित्सा मंत्री, ऊर्जा मंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री सहित अधिकारियों को भी दिया गया है। किराड़ू ने बताया कि अस्थाई शिविर का उद्देश्य इन समस्याओं का समाधान कराते हुए मरीजों को त्वरित राहत दिलाना है।
शिविर में यह समस्याएं की चिन्हित…
-कोविड अस्पताल में भर्ती ऐसे कोरोना पॉजीटिव मरीज जो शूगर, रक्तचाप, कैंसर, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, उनकी जांच के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की कम से कम एक विजिट प्रतिदिन सुनिश्चित कराई जानी चाहिए।
-कोविड हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में भर्ती ऐसे मरीज जो अत्यंत वृद्ध हैं अथवा गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, उनकी देखभाल के लिए दिन में कम से कम एक-दो बार उनके परिजनों को मिलने की व्यवस्था करवाई जाए। इसके लिए परिजन को पीपीई किट एवं बचाव के अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं।
-कोविड अस्पताल की प्रत्येक फ्लोर पर एक्सटेंशन कोड वाले लेंडलाइन टेलीफोन नंबर की सुविधा होनी चाहिए, जिससे मरीज अपनी बात व्यवस्थापकों तक पहुंचा सके।
-कोविड अस्पताल भवन का मुख्य ड्रेनेज सिस्टम चॉक है। इस कारण भवन के वास बेसिन और यूरिनल का पानी और अपशिष्ट का सही निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
-किसी मरीज के पॉजीटिव रिपोर्ट होने के बाद स्वास्थ्य विभाग उसे एम्बूलेंस के माध्यम से अस्पताल अथवा कोविड सेंटर तक पहुंचाया जाता है, लेकिन नेगेटिव होने के बाद उसे घर पहुंचाने की व्यवस्था नहीं होती है। ऐसे में मरीज को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है।
-मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत के दौरान यह सामने आया है कि कोविड हॉस्पिटल एवं सेंटर में भोजन, चाय-दूध एवं नाश्ता समय पर नहीं पहुंचता है। इस कारण शूगर, रक्तचाप अथवा अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को परेशानी होती है। इसकी प्रभावी व्यवस्था के लिए निर्देशित किया जाए।
-कोविड हॉस्पिटल एवं सेंटर में सफाई व्यवस्था में और अधिक सुधार की आवश्यकता है। विशेष तौर से संक्रमण वाली ऐसी बीमारी से बचाव के लिए इस ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
-कोरोना पॉजीटिव आने के बाद होम आइसोलेट हुए मरीजों के स्वास्थ्य की जांच के लिए रोस्टर आधारित व्यवस्था लागू करने की जरूरत है। कोविड अस्पताल अथवा कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजों की जांच समय-समय पर होती रहती है, लेकिन होम आइसोलेट मरीज, संक्रमण मुक्त होने के बाद भी समय पर जांच से वंचित रहते हैं।
-कोरोना से मौत के दो-तीन मामलों में पॉजीटिव रिपोर्ट आने के बाद उस मरीज का अंतिम संस्कार कोरोना की गाइडलाइन के अनुसार कर दिया गया, लेकिन इसके बाद एसएमएस से आई सूचना के अनुसार वह मरीज नेगेटिव पाया गया। ऐसे में मरीज के परिजनों में प्रशासन के प्रति असंतोष का भाव पैदा होना लाजमी है। भविष्य में ऐसी पुनरावृर्ति नहीं हो, इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जिम्मेवारी तय की जाए।













