बीकानेर में धरने पर बैठी महापौर ने कर दी मंत्री कल्‍ला पर आरोपों की बौछार, कहा- कथनी और करनी में अंतर…

बीकानेर Abhayindia.com नगर निगम की महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित ने निगम के आयुक्त गोपालराम बिरड़ा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्‍चितकालीन धरने पर बैठी हैं। धरने के दूसरे दिन महापौर सुशीला कंवर ने शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्‍ला पर आरोपों की बौछार कर दी। महापौर ने कहा कि कुछ दिनों पहले मंत्रीजी का बयान आया कि बीकानेर में रेलवे फाटक की समस्या का हल निकाल दूं तो मैं चुनाव निकाल लूंगा। अगर कोई राजनेता 40 साल सत्ता सुख भोगने के बाद भी विकास के स्थान पर किसी एक मुद्दे पर चुनाव जीतने की बातें करता है तो इससे शर्मनाक और कुछ नहीं। चार बार के मंत्री को अगर नगर निगम में इतनी ही रुचि है तो अगली बार खुद पार्षद का चुनाव लड़े और नगर निगम में आए इस तरह जनता की चुनी हुई सरकार को जनहित के कार्यों से रोकने के लिए गोपाल राम जैसे अधिकारी को शहर की व्यवस्थाएं बिगाड़ने के लिए ना भेजें।

महापौर ने कहा कि आयुक्‍त गोपाल राम कल्लाजी की अंधभक्ति में इतने अंधे हो गए हैं कि वह अपने आप को नगर पालिका अधिनियम कानून विधि के प्रावधानों और न्यायालय से ऊपर समझने लगे हैं। और सबसे ज्यादा दुखद यह है कि पिछले 2 महीनों में 20 से अधिक पत्र और चार बार जिला कलेक्टर से लेकर मुख्य सचिव तक, मंत्री तक, आयुक्‍त गोपाल राम की शिकायतें साक्ष्य और प्रमाण के साथ करने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। वह अपनी मर्जी से पार्षदों और महापौर के अधिकारों को दरकिनार कर अपनी मर्जी से बोर्ड बैठक का एजेंडा जारी करते हैं। एजेंडा में सभी प्रकरण या तो कानून के खिलाफ है या जिनका जनहित से कोई लेना-देना नहीं। महापौर ने कहा कि बीडी कल्ला अपने हर भाषण में यह कहते हैं यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता और खुद ही शहर की प्रथम महिला महापौर को इस कदर परेशान करने में लगे हैं कि वह जनहित का कोई कार्य न कर सके। उनकी कथनी और करनी में उतना ही अंतर है जितना काले और सफेद रंग में है।

धरनास्‍थल पर भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य विजय आचार्य ने अपने संबोधन में राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए महापौर का जनहित में इस आंदोलन के लिए आभार व्यक्त किया। आचार्य ने कहा कि सरकार ने अपनी आंखें मूंद रखी है और अधिकारियों के माध्यम से जनता के मुंह बंद करने का, उनके अधिकारों को दबाकर अलोकतांत्रिक माहौल पैदा किया जा रहा है। पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ सत्यप्रकाश आचार्य अपने संबोधन में सरकार की जनविरोधी नीतियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के मनमानी रवैये से जनता को प्रताड़ित करने और लोकतंत्र के हनन करने के आरोप लगाए। श्री डूंगरगढ़ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर पारीक ने धरना स्थल को संबोधित करते हुए बताया कि किस तरह राज्य सरकार के राजनीतिक संरक्षण और कबीना मंत्री बी डी कल्ला की हठधर्मिता के कारण गोपाल राम बिरड़ा जैसे अधिकारी शहर में अराजकता फैला रहे हैं। पारीक ने कहा कि सत्ता के दंभ में डूबी इस सरकार की हठधर्मिता का जनता आगामी विधानसभा चुनाव में करारा जवाब देगी। अशोक गहलोत के राज में संविधान और लोकतंत्र का हनन ही नहीं बल्कि हत्या हुई है।

वरिष्ठ नेता गुमान सिंह राजपुरोहित ने बताया की मंत्री बी डी कल्ला की हठधर्मिता के चलते एक ऐसे अधिकारी पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है जो लगातार नगर निगम में संवैधानिक रूप से चुनी हुई महापौर के अधिकारों का हनन कर रहा है और सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान प्रशासन शहरों के संग अभियान की धज्जियां उड़ाते हुए झूठे आंकड़े और भ्रष्टाचार रिश्वतखोरी को बढ़ावा दे रहा है।

महापौर के नेतृत्व में धरने के दूसरे दिन उपमहापौर राजेन्‍द्र पंवार, पूर्व प्रधान छैलू सिंह शेखावत भाजपा के पदाधिकारी अरुण जैन कौशल शर्मा मनीष सोनी मंडल अध्यक्ष मुकेश ओझा, चंद्र गहलोत दिनेश महात्मा जेठमल नाहटा विनोद करोल अजय खत्री नृसिंह सेवग एससी मोर्चा जिला अध्यक्ष सोहन लाल नायक अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष उस्मान गनी ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष राजाराम सीगड़ महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन छाजेड़ मधुरिमा प्रोमिला गौतम संपत पारीक किशन गोदारा इंदर ओझा जेपी व्यास समेत भाजपा के सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।