






बीकानेर Abhayindia.com ब.ज.सि. रामपुरिया जैन विधि महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाईयों द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर में तीसरे दिन की शुरूआत योगाभ्यास से की गई। योग सत्र के उपरान्त स्वयंसेवकों ने श्रमदान कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय परिसर की सफाई का कार्य किया। स्वयंसेवकों ने प्रशासनिक विंग, कक्षाओं, गैलेरी, पोर्च इत्यादि स्थानों को साफ किया। स्वयंसेवकों ने प्रत्येक कक्षा कक्ष में लगे पंखों, ट्यूबलाईट्स इत्यादि को साफ किया तथा पूरे महाविद्यालय परिसर की पानी से सफाई की।
स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय में स्थित दोनों पार्को की भी सफाई की तथा उनके द्वारा पिछले समय में लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प लिया। इस दौरान स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। साथ ही स्वयंसेवकों ने स्वच्छ परिसर के लिए शपथ ली कि सभी विद्यार्थी महाविद्यालय परिसर को स्वच्छ तथा स्वस्थ रखेंगे।
आगामी सत्र में महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं युवा विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में मोटिवेशनल स्पीकर एवं युवा पुरस्कार से सम्मानित डाॅ. चन्द्रशेखर श्रीमाली थे। डाॅ. श्रीमाली ने स्वयंसेवकों को रासेयो के महत्व एवं इससे स्वयंसेवकों को होने वाले फायदों के बारे में बताया। उन्होंने स्वयंसेवकों को बताया कि रासेयो स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व विकास में बहुत सहायक है। रासेयो स्वयंसेवक होने के नाते वह राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है तथा उन्होंने स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले युवा कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी देते हुए उनमें भाग लेने की प्रक्रिया एवं विभिन्न प्रकार के युवा पुरस्कारों के बारे में स्वयंसेवकों को अवगत करवाया।
महाविद्यालय के स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के उपनिदेशक डाॅ. हरिशंकर आचार्य ने केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया तथा सभी स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे सभी लोग समाज में इन योजनाओं का प्रचार करें ताकि सरकार की इन योजनाओं की पहुंच आम आदमी तक हो सके। डाॅ. आचार्य ने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि रासेयो एक सशक्त माध्यम है जिसके द्वारा एक स्वयंसेवक राष्ट्र निर्माण में अपनी महती भूमिका का निर्वाह कर सकता है। इस अवसर पर डाॅ. आचार्य ने केन्द्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करने वाले पैम्पलेट्स तथा जागरूकता के लिए विभिन्न पोस्टरों का वितरण भी स्वयंसेवकों के मध्य किया ताकि स्वयंसेवक इन सभी कार्यक्रमों की जानकारी जन मानस तक पहुंचा सके।
अंतिम सत्र में स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम प्रभारी डाॅ. रीतेश व्यास एवं महाविद्यालय के व्याख्याता डाॅ. शराफत अली, डाॅ. पीयूष किराडू, सुनीता लूणिया, अन्जुमन उस्ता, राजश्री सुथार, चेतना ओझा, मोहिता सिंह एवं राकेश रंगा के नेतृत्व में राजस्थान राज्य अभिलेखागार का भ्रमण किया। जिसमें स्वयंसेवकों ने वहां स्थित शिवाजी गैलेरी, महाराणा प्रताप गैलेरी, समाचार पत्र गैलेरी, स्वतंत्रता सैनानी गैलेरी, काॅपर प्लेट गैलेरी, एल.पी. टेस्सीटोरी गैलेरी, पुस्तकालय, तथा रिकाॅर्ड रूम का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान राजस्थान राज्य अभिलेखागार के वरिष्ठ सहायक डाॅ. मनीष मोदी ने स्वयंसेवकों को सभी गैलेरी तथा स्थानों का भ्रमण करवाया तथा उसके सम्बन्ध में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की।
इससे पूर्व स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए राजस्थान राज्य अभिलेखागार के सहायक निदेशक रामेश्वर बैरवा ने बताया कि किस प्रकार इन धरोहरों को आने वाली पीढियों के लिए संरक्षित रखने के लिए विभिन्न प्रकार के प्राचीन तथा आधुनिक प्रक्रियाओं की सहायता ली जाती है। साथ ही उन्होंने अभिलेखों को स्कैन कर उनको डिजिटल मोड में लाने की प्रक्रिया तथा उसमें काम आने वाले उपकरणों के बारे में स्वयंसेवकों को जानकारी दी। बैरवा ने स्वयंसेवकों को बताया कि शिवाजी और औरंगजेब के मध्य सन् 1665 में जो पुरंदर की संधि हुई थी उसकी मूल काॅपी अभिलेखागार में सुरक्षित है जिसका स्वयंसेवकों ने अवलोकन किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के रासेयो के कार्यक्रम प्रभारी डाॅ. रीतेश व्यास ने राजस्थान राज्य अभिलेखागार के पदाधिकारियों तथा कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। दिन के समापन पर कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. बालमुकुन्द व्यास ने आगामी दिवस की रूपरेखा स्वयंसेवकों के समक्ष प्रस्तुत की।


