‘कड़वे वचन’ वाले मुनि तरुण सागर का देवलोकगमन

Tarun sagar
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नई दिल्ली अपने ‘कड़वे वचन’ से प्रसिद्ध जैन मुनि तरुण सागर महाराज का शनिवार सुबह दिल्ली में देवलोकगमन हो गया। वह 51 वर्ष के थे। कृष्णा नगर के राधे पूरी एक घर में उन्होंने अंतिम सांस ली। पिछले कई दिनों से उनके स्वास्थ्य की स्थिति गंभीर बनी हुई थी। दिल्ली के शाहदरा से जैन मुनि के पार्थिव शरीर को समाधि के लिए गाजियाबाद के मोदीनगर ले जाया जा रहा है।

इस दौरान जैन समुदाय से जुड़े सैकड़ों लोग यात्रा में शामिल हुए। बारिश के दौरान भी यात्रा नहीं रुकी। गाजियाबाद के रास्ते जैन मुनि के शव को राधे पुरी से मोदीनगर (यूपी) ले जाया जा रहा है। यहां पर तरुण सागर जी नाम से एक आश्रम है, जहां उनका दोपहर तीन बजे अंतिम संस्कार होगा बताया जा रहा है कि जैन मुनि तरुण सागर बुखार और पीलिया की बीमारी से जूझ रहे थे। वैशाली के मैक्स अस्पताल में उन्हें करीब 15 दिन तक भर्ती रखा गया था। उनके कुछ शिष्यों ने जानकारी दी है कि जैन जैन मुनि राधे पूरी में एक समुदाय के घर में गत 27 जुलाई से चातुर्मास कर रहे थे।

डॉक्टरों के हवाले से कहा जा रहा है कि 15 दिन पहले पीलिया की शिकायत मिलने के बाद तरुण सागर महाराज को मैक्स अस्पताल में लाया गया था, लेकिन इलाज के बाद भी उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। तरुण सागर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। उन्होंने शोक संदेश के साथ जैन मुनि के साथ अपनी एक फोटो भी ट्वीट की है। ट्वीट में लिखा है जैन मुनि तरुण सागर के निधन पर गहरा दुख हुआ है। हम उन्हें उनके उच्च विचारों और समाज के लिए योगदान के लिए याद करेंगे। उनके विचार लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।