Saturday, April 25, 2026
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बीकानेर पश्चिम विधायक व्‍यास पर जनसमस्‍याओं को लेकर किराडू ने लगाए गंभीर आरोप

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बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में दो साल पहले कांग्रेस छोड कर भाजपा में शामिल हुए वरिष्‍ठ नेता राजकुमार किराडू ने जनसमस्‍याओं को लेकर बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्‍यास पर आरोपों की बौछार कर दी है। किराडू ने आज प्रेस वार्ता में विधायक व्‍यास पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी कथनी और करनी में अंतर बताया। हालांकि, किराडू ने केन्‍द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, खाद्य मंत्री सुमित गोदारा सहित पार्टी के पदाधिकारियों एवं विधायकों से कोई गिला सिकवा होने से साफ इंकार किया। उनके निशाने पर सीधे तौर पर विधायक जेठानंद व्‍यास रहे।

किराडू ने कहा कि विधायक जी ने चुनाव में के दौरान कहा था कि मुझे मुस्लिम वोट नहीं चाहिए! और जब चुनाव जीत गए तो मुस्लिम ठेकेदार अपना ठेका चला रहे है उनके साथ उनके प्राइवेट हॉस्पिटल में अपने पुत्र को डायरेक्टर बनाया है। मूँगफली तोलाई 2024 के ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों को फोन किया वो ठेकेदार कौन है ये सभी जानते है! किसान अपने कड़ी मेहनत से उगाई गई मूंगफली बेचने जब गए तो सरकार ने तुलाई के लिए टोकन वितरण किया। जो सही तरीके से वितरण नहीं हो सका तो किसानो ने इसका विरोध किया विधायकजी मौके पर गए और फिर क्या गुप्त समझोता विधायक, ठेकेदार और मंडी सचिव के बीच मे हुआ जनता जानना चाहती है….? और साथ ही उसी ठेकेदार को प्रशासनिक सहयोग करने के लिए किसने अधिकारियों को फोन किया ये भी विधायकजी से जानना चाहता हैं बीकानेर …?

किराडू ने दागे ये सवाल...

इसी तरह पीबीएम में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। ठेकेदारों को उनके शर्त पर काम दिया जाता है इसमे कौन कौन लोग शामिल है और जो वित्तीय निरीक्षक लगाए गए है। उनकी अनुशंसा किसने की। ये भी जानना चाहती हैं बीकानेर की जनता ! विधायक जी बताएं..? पी.बी.एम हॉस्पिटल से एम. आर. आई और सिटी स्कैन का टेंडर की शिकायत होने पर विधायकजी ने सरकार को की परिणाम स्वरुप कमेटी बनाई गई जयपुर स्तर पर फिर वहीं हुआ टेंडर की आगे बढ़ा दिया गया इस प्रकरण में भी गुप्त समझौता हुआ वो क्या था उसकी जानकारी भी चाहता हैं बीकानेर..?

दो दिन पहले ही समाचार पत्रों में आपने पढ़ा होगा की कैसे मिलीभगत कर करोड़ों का चुना आम जन को लगाया गया हैं! विधायक जी बताएं इसमें क्या गुप्त समझौता हुआ बीकानेर की जनता ने अपना वोट एक जनप्रतिनिधि के चुनाव के लिए दिया था पर वो जनप्रतिनिधि व्यापारी बन गया और अपने व्यापार को बढ़ाने मे लगा हुआ है। अखबार के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई की विधायक जी की आय एक साल मे ही 200 प्रतिशत बढ़ गई उनके परिवार वाले व्यापार मे लगे हुए हैं, मेरी नजर मैं आजादी के बाद आज तक इससे बेकार विधायक बीकानेर में नही था।

किराडू ने कहा कि महाराजा गंगासिंह विश्विद्यालय हो सब ने ठेकेदार के साथ मिलकर जो घोटाले किए है! बीकानेर की जनता जानना चाहती है कि विधायक जी का उसमें क्या हित हो रहा है, विधायक जी बीकानेर को बताएं। विधायकजी को बीकानेर तकनीकी विश्विद्यालय मे बोम का सदस्य बनाया गया वो आज तक एक भी मीटिंग नहीं कर पाए! वहाँ भ्रष्टाचार के उदहारण सामने आ रहे है विधायक जी की छवि अब सिर्फ शिकायत कर्ता के रूप मे हो रही है और शिकायत के बाद उन ठेकेदारों से और कंपनी से गुप्त समझोता कर अपने लोगों को और अपने परिवार को फायदा पहुंचा रहे हैं। इसका उदहारण बीकानेर में बीकेसीएल (लाइट कंपनी) के खिलाफ विधानसभा मे उनके काम पर आपत्ति दर्ज करवाई फिर वहीं गुप्त समझोता हुआ और कंपनी ने उनके दलालों को ठेकेदारों और रिश्तेदारों को आर्थिक लाभ पहुंचा रही है और जनता परेशान हो रही है।

उन्‍होंने कहा कि बीकानेर की जनता ने इसलिए इनको वोट दिया कि ये नशा, जुआ, सट्टा, बंद कराएंगे परंतु ऐसा नहीं हो पा रहा है पहले से ज्यादा नशा जुआ, सट्टा, होने लगा है शहर में ये बड़ी ही चिंता का विषय है बीकानेर की भोली भाली जनता ठगी सी महसूस कर रही है। उन्होंने बहुत ही भरोसे के साथ विधायक जी को वोट दिया था उन्होंने सभी बीकानेरवासियों का विश्वास तोड़ दिया।

उन्‍होंने कहा कि विश्वविद्यालय में लखनऊ से आया हुआ घोषित दलाल हैं। उसे संरक्षण देता है विधायक जी का निजी व्यक्ति। जब पिछले साल विश्वविद्यालय में एसीबी की कार्यवाही हुई थी तो फोन डिटेल के आधार पर एसीबी ने उसी दलाल से पूछताछ की थी। एसीबी द्वारा फर्म के प्रतिनिधि से सात लाख बरामद किए उसमें क्या कार्यवाही हुई कोई जानकारी नहीं मिल रही हैं। उसी दलाल के साथ पार्टनर शिप में प्राइवेट यूनिवर्सिटी कौन कौन पार्टनर है और उनको प्रशासनिक सहयोग कौन कर रहा है यह सबको मालूम है। विधायक जी मूल रूप से संघ के स्वयं सेवक थे। पार्टी ने उनको टिकट दे दिया। चुनाव जीतते ही उन्होंने शिकायत का सिलसिला शुरू किया।

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