इजराइल के पीएम ने चखा बीकानेर की ‘ओलिव टी’ का स्वाद

बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात के दौरान बीकानेर की ‘ओलिव टी’ का स्वाद चखा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के फेसबुक पेज से इस संबंधी जानकारी शेयर की गई है। कोविंद और नेतन्याहू की मुलाकात 15 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में हुई थी।

कोविंद के फेसबुक पेज पर जानकारी शेयर की गई कि इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को बीकानेर की ओलिव पत्तियों की चाय पिलाई गई। इसमें जानकारी दी गई कि राजस्थान सरकार द्वारा इजराइल के समन्वय से ‘ओलिव टी’ के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में बीकानेर में ओलिव प्रोग्राम का संचालन वर्ष 2007-08 में प्रारम्भ हुआ। प्रोग्राम के तहत बीकानेर में ओलिव उत्पादन की संभावनाओं पर रिसर्च किया गया। रिसर्च में यह सामने आया कि बीकानेर में ओलिव उत्पादन हो सकता है तथा यह किसानों के लिए लाभप्रद रहेगा। राज्य सरकार द्वारा इसके बाद जिले में ओलिव उत्पादन की दिशा में महत्ती शुरूआत हुई।
इसी दिशा में महत्त्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए मुख्यमंत्री ने सितम्बर 2014 में बीकानेर के लूनकरनसर में देश के पहले जैतून तेल शोधन संयंत्र का उद्घाटन किया। साथ ही राज्य सरकार के कार्यक्रम एनएमओओपी के तहत किसानो को ओलिव पौधों की खरीद पर सब्सिडी की सुविधा भी दी। राज्य सरकार के प्रयासों से गत वित्तीय वर्ष तक जिले में 100 हैक्टेयर क्षेत्र में जैतून का पौधारोपण किया गया। वहीं इस वर्ष के लिए 124 हैक्टेयर की प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं। इसमें से 18 हैक्टेयर में पौधारोपण हो चुका है तथा शेष पौधारोपण फरवरी तक कर दिया जाएगा। किसानों में जैतून पौधारोपण के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा अभिनव पहल करते हुए मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत चयनित बीकानेर जिले के 470 किसानों को प्रति किसान के हिसाब के जैतून के 10-10 पौधे इस वर्ष नि:शुल्क दिए गए हैं। आने वाले समय में ये पौधे किसानों के लिए अतिरिक्त आय के साधन बनेंगे। इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने गत वर्ष ओलिव टी निर्माता ओलिटिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू किया। बीकानेर यहां भी अग्रणी रहा और बीकानेर के किसान ने कंपनी से राज्य का पहला करार किया। अब कंपनी द्वारा किसानों से जैतून की हरी पत्तियां खरीदी जा रही हैं, जिनके बदले उन्हें अच्छी रकम मिल रही है।
इतना ही नहीं वैज्ञानिक शोध के अनुसार सैकड़ों वर्षों तक जीवित रह सकने वाले जैतून के पौधे का एक बार रोपण करके किसान आने वाली तीन-चार पीढिय़ों के लिए आर्थिक सम्बलन की राह प्रशस्त कर ली है। कंपनी का वादा है कि बीकानेर में पर्याप्त किसानों से करार होने की स्थिति में जिले में ही सेंटर खोल दिया जाएगा, जिससे किसानों को जैतून की पत्तियां देने के लिए कहीं जाना नहीं पड़ेगा।

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