Friday, January 23, 2026
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बीकानेर में विधायक व्‍यास की अनदेखी संयोग है या साजिश! क्‍यों पी रहे अपमान के घूंट…

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बीकानेर Abhayindia.com प्रदेश की भाजपा सरकार के शासनकाल के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शनिवार को कलक्टर सभागार में हुई प्रभारी मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की प्रेस कांफ्रेस में प्रभारी मंत्री के साथ कलक्टर नम्रता वृष्नि बैठी रही लेकिन नगर विधायक जेठानंद व्यास और राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के चैयरमेन रामगोपाल सुथार को कुर्सी ही नहीं मिली। ऐसे में दोनों जने प्रभारी मंत्री के पीछे खड़े अपमान का घूंट पीते रहे। हालांकि, बाद में दोनों को बैठने के लिये कुर्सी ऑफर की गई लेकिन तब तक घटनाक्रम के वीडियों वारयल हो चुके थे।

कलक्टर सभागार में प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में हुए इस घटनाक्रम से बीकानेर के भाजपा गलियारों में माहौल गरमा गया है। जानकारी में रहे कि प्रभारी मंत्री ने अपनी सरकार के दो साल के शासनकाल की उपलब्धियों बताने के लिये कलक्टर सभागार में प्रेस कांफ्रेस का आयोजन किया गया था। विधायक जेठानंद व्यास और रामगोपाल सुथार थोड़े देरी से पहुंचे थे। तब तक प्रभारी मंत्री ने विधायक सिद्धी कुमारी और कलक्टर के साथ पत्रकारों से बातचीत शुरू हो गई थी। इस दौरान विधायक व्यास और राज्यमंत्री रामगोपाल सुथार पहुंचे उन्हें बैठने की कुर्सी ही नहीं दी गई। इसके बाद विधायक व्‍यास एक पत्रकार के सवाल से गुस्साए अंदाज में प्रभारी मंत्री के पीछे जाकर खड़े हो गए और उनसे भी उलझ गए।

आपको बता दें कि इस दौरान राज्यमंत्री और विधायक ही नहीं, बल्कि प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष चंपालाल गेदर भी प्रभारी मंत्री के पीछे खड़े गुस्साए तेवर में नजर आ रहे थे, जबकि देहात भाजपा अध्यक्ष श्याम पंचारिया प्रभारी मंत्री और कलक्टर के साथ कुर्सी पर बैठे थे। वहीं, कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी आए और पत्रकारों के पीछे लगी कुर्सी पर बैठ गए। उन्हें किनारे होकर आगे आने का आग्रह किया तो वे आगे आए।

इस समूचे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वहीं, विधायक जेठानदं व्यास ने तल्खी भरे लहजे में कहा कि मेरी प्रभारी मंत्री से कोई नाराजगी नहीं है, इस मामले में प्रशासन का रवैया नकारात्मक रहा है। मैं सीएम तक शिकायत करूंगा। जबकि राज्यमंत्री रामगोपाल सुथार बिना कोई प्रतिक्रिया दिये ही निकल लिये। आपको बता दें कि इससे पहले मुक्‍ताप्रसाद डिस्‍पेंसरी में हुए कार्यक्रम के दौरान भी विधायक जेठानंद व्‍यास की अनदेखी का मामला सामने आया था। तब भी व्‍यास ने मामला ऊपर तक पहुंचाने की बात कही थी। अब एक और वाकया होने से यह सवाल सुलगने लगा है कि आखिर ये घटनाक्रम संयोग है या साजिश!

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