







बीकानेर Abhayindia.com अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव के पहले दिन देशी और विदेशी पावणो ने पहली बार जाजम पर बैठकर राजस्थानी देशी भोजन का स्वाद चखा। जिला प्रशासन तथा पर्यटन विभाग के तत्वावधान् में बीकानेर जिला उद्योग संघ द्वारा रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र स्थित संघ परिसर में शुक्रवार को लोक कला एवं संस्कृति, लोक उद्यम और व्यंजनों की त्रिवेणी देखने को मिली। केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विदेशी पावणो की अगवानी की तथा उनके साथ जाजम पर बैठकर बाजरे की रोटी, राबड़ी, खीचड़ा, सांगरी की सब्जी और पापड़-फळी सहित परम्परागत भोजन का लुत्फ उठाया। विदेशी मेहमानों के लिए यह नया अनुभव था। ठेठ राजस्थानी अंदाज में मनुहार की परम्परा के साथ पहली बार आयोजित ‘मान मनुहार’ कार्यक्रम में शहर के संभ्रात नागरिकों ने शिरकत की।
केन्द्रीय मंत्री ने बीकानेर की संस्कृति को देश-दुनिया के लिए मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि यहां का अपनापन और परम्पराओं को निर्वहन करने की परम्परा अलहदा है। बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि देश और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों से आए मेहमान बीकानेर की संस्कृति को देखेंगे और इसे समझेंगे। इस दौरान संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि सहित अनेक अधिकारियों ने भी भागीदारी निभाई।
परम्परागत उद्यमों के स्टाॅल बने आकर्षण के केन्द्र
इस दौरान जिला उद्योग संघ परिसर में गोबर से बने उत्पादों, ऊन से बने गलीचों, शाॅल एवं अन्य उत्पादों, बड़ी, पापड़ तथा हस्तनिर्मित उत्पादों की स्टाॅल्स आकर्षण का केन्द्र रहे। सभी ने इनका अवलोकन किया तथा बीकानेर की उद्यम परम्परा को सराहनीय बताया। परिसर में प्रवेश करने वाले पावणो का परम्रागत तरीके से स्वागत किया गया। लोक गीतों की सुमधुर धुनों और लोक वाद्यों की ध्वनि पर पावणे थिरकते दिखे।
बाजोट पर थाल रख ‘जीमे’ पावणे
संघ के सभागार को भोजनशाला का रूप दिया गया, जहां जाजम पर परम्परागत रूप से बैठ तथा बाजोट पर थाल रखकर देशी-विदेशी पावणो ने भाजन ग्रहण किया। जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया की अगुवाई मे मेजबानों ने भोजन ग्रहण करवाया। पचीसिया ने जिला उद्योग संघ में स्थापित गैलेरी तथा ओपन जिम की स्थापना के बारे में बताया और अन्य गतिविधियों की जानकारी दी।
सूर्य नमस्कार मुद्रा स्क्ल्पचर्स का किया लोकार्पण
इस दौरान केन्द्रीय मंत्री मेघवाल और विधायक व्यास ने जिला उद्योग संघ परिसर में स्थापित सूर्य नमस्कार की बारह मुद्राओं पर आधारित स्कल्पचर्स का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार के फायदों के बारे बताया और कहा कि यह मुद्राएं आमजन को सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने संदीप नौलखा की पहल पर उद्योग संघ परिसर में तैयार बिजली रहित, पर्यावरण अनुकूल जल शीतलन व्यवस्था का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने उद्योग संघ की गतिविधियों की सराहना की।
तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव के दूसरे दिन शनिवार को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने बताया कि शनिवार को सुबह 08 से 09 बजे तक सांसोलाव तालाब किनारे योग का कार्यक्रम, सुबह 09 से दोपहर ढाई बजे तक राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी) में ऊंट नृत्य, ऊंट फर कटिंग, ऊंट साज-सज्जा,ऊंट दौड़ और घुड़दौड़ का आयोजन, सुबह 11 से शाम 05 बजे तक डॉ करणी सिंह स्टेडियम में ”ऊंटां रो इतिहास-विरासत के साथ” के अंतर्गत राजस्थान राज्य अभिलेखागार की ओर से नकला प्रदर्शनी का आयोजन, शाम 07 से रात 10 बजे तक डॉ करणी सिंह स्टेडियम में बेस्ट ऑफ राजस्थान फोक नाइट कार्यक्रम के तहत लोकल और राजस्थानी कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही बर्ड फेस्टिवल का आयोजन जोड़बीड़ स्थित लव कुश वाटिका और उससे थोड़ा आगे गिद्ध संरक्षण क्षेत्र में सुबह 08 से शाम 5 बजे तक और पैरामोटरिंग का आयोजन सादुल क्लब ग्राउंड में किया जाएगा।
10 जनवरी को उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र व डॉ करणी सिंह स्टेडियम में होंगे कार्यक्रम
संयुक्त निदेशक राठौड़ ने बताया कि 10 जनवरी को सुबह 08 से 9 बजे तक ”करें योग रहें निरोग” कार्यक्रम के तहत सांसोलाव तालाब किनारे ”फ्लो योगा प्रैक्टिस” करवाई जाएगी। सुबह 09 से दोपहर ढाई बजे तक राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी) में ”ऊंटां री बातां” कार्यक्रम के तहत ऊंट नृत्य, ऊंट फर कटिंग, ऊंट साज-सज्जा,ऊंट दौड़ और घुड़दौड़ का आयोजन किया जाएगा।
इसी दौरान सुबह 11 से शाम 05 बजे तक डॉ करणी सिंह स्टेडियम में ”ऊंटां रो इतिहास-विरासत के साथ” के अंतर्गत कला प्रदर्शनी का आयोजन राजस्थान राज्य अभिलेखागार की ओर से किया जाएगा। शाम 07 से रात 10 बजे तक डॉ करणी सिंह स्टेडियम में बेस्ट ऑफ राजस्थान फोक नाइट कार्यक्रम के तहत लोकल और राजस्थानी कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की भव्य प्रस्तुति दी जाएगी।
लव-कुश वाटिका और गिद्ध संरक्षण क्षेत्र में बर्ड फेस्टिवल का आयोजन
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक श्री अनिल राठौड़ ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव के दौरान वन विभाग के सहयोग से बर्ड फेस्टिवल का आयोजन जोड़बीड़ स्थित लव कुश वाटिका और उससे थोड़ा आगे गिद्ध संरक्षण क्षेत्र में 10 जनवरी को सुबह 08 से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। वन विभाग के डीएफओ श्री संदीप छंगाणी ने बताया कि इस दौरान दूरबीन की व्यवस्था भी वन विभाग द्वारा की गई है। श्री छंगाणी ने बताया कि जोड़बीड़ में इस समय 05 प्रकार के गिद्ध की प्रजाति के अलावा 10 से अधिक प्रजातियों के शिकारी पक्षी चील, बाज, शिखरा, फालकन, इत्यादि की प्रजाति आई हुई है। दिसंबर और जनवरी माह में हजारों की संख्या में विदेशी पक्षियों ने जोड़बीड़ में डेरा डाला हुआ है। इसके अलावा मरू लोमड़ी, चिंकारा,सरीसृप प्रजाति के जीव जंतु भी बड़ी संख्या में देखने को मिलेंगे।
सादुल क्लब ग्राउंड में पैरामोटरिंग का होगा आयोजन
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने बताया कि इस बार कर्नल वी.एस.राठौड़ की विंग मास्टर्स कंपनी के सहयोग से पैरामोटरिंग का आयोजन भी सादुल क्लब ग्राउंड में 10 जनवरी को और रायसर में 11 जनवरी को किया जाएगा।विंग मास्टर्स कंपनी के कर्नल वी.एस.राठौड़ ने बताया कि इस दौरान बीकानेर शहर का जॉय राइडिंग के जरिए एरियल एक्सपीरियंस करवाया जाएगा। साथ ही स्मॉक शो, फ्लावर ड्रॉप का आयोजन किया जाएगा।
11 जनवरी को रायसर में आयोजित होंगे कार्यक्रम
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक राठौड़ ने बताया कि 11 जनवरी को सुबह 09 से दोपहर 1 बजे तक रायसर में ”दम-खम ग्रामीण खेल” कार्यक्रम के तहत रस्साकशी, कुश्ती, कबड्डी, विदेशियों द्वारा पगड़ी बांधना,महिला मटका दौड़, देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच धोरों पर दौड़ का आयोजन किया जाएगा। दोपहर डेढ़ से शाम साढ़े 6 बजे तक ”रेत का समंदर” कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रकार की एडवेंचर एक्टिविटी और डेजर्ट एक्सपीरियंस करवाया जाएगा।
इस कार्यक्रम के तहत पुष्कर के अजय रावत द्वारा सेंड आर्ट प्रदर्शनी का आयोजन होगा। साथ ही हैंडीक्राफ्ट व फूड बाजार, भारतीय परंपरानुसार विदेशी जोड़े की शादी, कैमल सफारी, ऊंट गाड़ी सफारी, घुड़दौड़ का आयोजन होगा। शाम 06 बजे से रात 10 बजे तक रायसर में ही रंगीलो राजस्थान कार्यक्रम के तहत नॉर्थ ईस्ट, हिमाचल, जम्मू एंड कश्मीर, बंगाल, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पंजाब समेत देश भर से आ रहे लोक कलाकारों द्वारा भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी। साथ ही जसनाथी संप्रदाय के लोगों द्वारा अग्नि नृत्य की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।




