





बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में टूटी सड़कों, लीकेज सीवरेज और यातायात जाम ने शहरवासियों के नाक में दम कर दिया है। पुलिस लाइन के पास चल रहे निर्माण कार्य के चलते दिनभर यातायात जाम की स्थिति रहती है। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है। इसके बावजूद मौके पर कोई यातायातकर्मी नजर नहीं आते। यह तो उदाहरण मात्र है। शहर में ऐसे कई यातायात पॉइंट हैं जो दिनभर जाम झेलते हैं और वहां व्यवस्था सुधारने के लिए कोई तैनात नहीं है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्त्ता चौरू लाल सुथार ने नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे के प्रति अपना रोष प्रकट करते हुए अवगत कराया है कि बीकानेर एक संभागीय मुख्यालय है व यहां जिले के आला अधिकारी विभिन्न प्रशासनिक विभागों में पदस्थापित है लेकिन बीकानेर शहर की हालत बहुत ही खराब है। जगह-जगह नाले खुले पड़े है व सड़कें भी टूटी पड़ी है तथा सिवरेज चेम्बर्स कहीं कहीं सड़क लेवल से नीचे तो कही कही ऊपर उठे हुए है।
सुथार ने कहा कि नगर निगम की कार्यशैली का खामियाजा यहां फड़बाज़ार -कुचीलपुरा से मुख्य सड़क मार्ग पर सड़क के बीच बने नाले पर लगई लोहे की जालियों से हर आम आदमी को उठाना पड़ रहा है। इस सड़क पर करीब 14 जालियां लगी हुई है जो कही सड़क लेवल से ऊंची तो कहीं नीची लगी हुई है। यही नही कुछेक जालियों के पास गहरे गढ़े पड़े हुए है जिनसे गिरकर कई वाहन चालक चौटिल भी हुए है व हो रहे है। लेकिन इस गंभीर समस्या की और नगर निगम इतना लापरवाह है कि किसी अधिकारी ने इस गंभीर जनसमस्या के निस्तारण के लिए कभी कोई पहल तक नहीं की व आमजन इससे काफी परेशान है। यह समस्या कोई आज की नहीं है अपितु गत कई वर्षों से विद्यमान है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या का स्थायी हल नही निकलना बहुत ही खेद का विषय है। सुथार ने नगर निगम के अधिकारियों से आग्रह किया है कि इस सड़क मार्ग पर लगी सभी लोहे की जालियों को सड़क लेवल के बराबर लगाने की कार्यवाही करें ताकि कोई इनसे चोटिल होने से बच सके।




