Saturday, April 25, 2026
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कर्मचारियों को रिझाने की राह पर सरकार, बड़े तोहफे की तैयारी

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जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। राजस्थान विधानसभा के आगामी चुनावों के मद्देनजर राज्य सरकार अब कर्मचारियों को रिझाने की राह पर चल पड़ी है। पिछली अशोक गहलोत सरकार ने भी चुनावी साल में पदोन्नति अैर वेतन बढ़ोतरी के दरवाजे खोले थे। उसी तर्ज पर यह सरकार भी कर्मचारियों के वेतनमान में संशोधन कर उन्हें फायदा देने का मन बना चुकी है। ऐसे में इस चुनावी साल में कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले होनी तय मानी जा रही है।

सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार कर्मचारियों के वेतनमान में संशोधन कर उन्हें बड़ा तोहफा देने की तैयारी में जुट गई है। इस कवायद से लगभग हर कैडर को फायदा मिलेगा। सरकार ने वेतन विसंगति मामलों को निपटाने के लिए गठित सामंत कमेटी के काम की अवधि भी बढ़ा दी है। कमेटी का कार्यकाल अब मई से बढ़ाकर अगस्त तक कर दिया गया है। कमेटी को वेतनमान संशोधन और भत्तों में इजाफे से जुड़े ज्ञापन-पत्रों पर भी रिपोर्ट देने को कहा गया है।

गौरतलब है कि प्रदेश में पिछली गहलोत सरकार ने भी चुनावी साल में कर्मचारियों को जो भी फायदा दिया उसे मौजूदा सरकार ने आखिरी छह महीने किए गए फैसलों के तहत समीक्षा में शामिल कर दिया। पूर्व सरकार ने जहां अधीनस्थ सेवाओं में जिन कैडर्स की ग्रेड पे बढ़ाई थी, वर्तमान सरकार ने उसे विसंगति बताकर फैसले को पलट दिया। इसके बाद कर्मचारियों की ग्रेड पे घटा दी गई। करीब 60 हजार से ज्यादा कर्मचारी इससे प्रभावित हुए।

पूर्व की गहलोत सरकार ने वर्ष 2013 में 60 से ज्यादा सेवाओं के लिए प्रमोशन व अतिरिक्त पे बैंड स्वीकृत किया था। इससे आरएएस, आरपीएस, आरएसीएस समेत कई कैडर्स में अधिकारियों का वेतन 20 से 30 हजार रुपए तक बढ़ गया। अधीनस्थ सेवाओं में 1700 से लेकर 4400 ग्रेड पे तक के कर्मचारियों के लिए भी पे बैंड रिवाइज हुआ और इनका वेतन लगभग पांच से दस हजार रुपए बढ़ा। वर्तमान सरकार में अधीनस्थ मंत्रालयिक, डॉक्टर, इंडस्ट्रीज, सांख्यिकी, आयोजना, सचिवालय समेत कई कैडर्स पे-लेवल रिवाइज करने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टर्स जहां अधिकतम ग्रेड पे 8700 को बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने, वहीं अधीनस्थ मंत्रालयिक कर्मचारी 2800 के बजाय 3600 ग्रेड पे की मांग रहे हैं।

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