






जयपुर Abhayindia.com जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में फरार चल रहे पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। टीम उन्हें जल्द ही जयपुर लेकर आएगी। आपको बता दें कि पूर्ववर्ती सरकार में जल जीवन मिशन में ठेकेदारों ने फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी कर हजारों करोड़ रुपए का भुगतान उठा लिया। इस मामले में पब्लिक एगेंस्ट करेप्शन ने सबसे पहले 27 जून 2023 को एसीबी और अशोक नगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
शिकायतकर्ता एडवोकेट टीएन शर्मा की तरफ से सुबोध अग्रवाल को सबसे पहले लिखित में शिकायत की गई थी कि जेजेएम में इरकॉन कंपनी के फर्जी सर्टिफिकेट लगाए गए हैं। इसके बाद इरकॉन कंपनी ने भी सुबोध अग्रवाल को पत्र लिखकर कहा था कि कंपनी के नाम पर जारी किए गए सर्टिफिकेट फर्जी हैं। लेकिन सुबोध अग्रवाल पूरे मामले को दबा गए। मामला कोर्ट में गया और 24 फरवरी 2024 को हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए एसीबी से पूछा कि टीएन शर्मा की शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई थी। इसके बाद अक्टूबर 2024 को जेजेएम घोटाले में पहली एफआईआर दर्ज की गई। इस एफआईआर में सुबोध अग्रवाल समेत कई लोगों के नाम दर्ज किए गए। इसके बाद सुबोध अग्रवाल फरार हो गए। फिर इनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया। अब जाकर इनकी गिरफ्तारी दिल्ली से हुई है।
जेजेएम के तहत हुए कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर एसीबी ने 17 फरवरी 2026 को बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। इस दौरान जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर के साथ-साथ बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। जांच में फर्जी बिलिंग, वित्तीय गड़बड़ियों और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के प्रमाण सामने आए। इसी कार्रवाई के दौरान सुबोध अग्रवाल के ठिकानों पर भी दबिश दी गई थी। वहीं, जलदाय विभाग के 9 अधिकारियों को हिरासत में लिया गया था।


