








जयपुर Abhayindia.com राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की भजनलाल सरकार पर पंचायत चुनाव टालने को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। गहलोत ने कहा कि सरकार जानबूझकर पंचायत चुनाव टाल रही है, जिससे संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं। भाजपा सरकार ‘एक राज्य, एक चुनाव’ के नाम पर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रही है।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि हमारे कार्यकाल में भी कर्मचारियों की कमी जैसे मुद्दे थे, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश पर समयबद्ध तरीके से चुनाव कराए गए। लोकतंत्र में चुनाव समय पर होने चाहिए। अब यह समय बताएगा कि सरकार चुनाव करवाती है या नहीं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावों का समय पर होना अनिवार्य है।
आपको बता दें कि इससे पहले यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने हाल ही में कहा था कि पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ करवाने से प्रक्रिया सरल होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा। इस पर कैबिनेट सब-कमेटी के सदस्य और मंत्री अविनाश गहलोत ने स्पष्ट किया कि अगले 15 से 20 दिनों में मुख्यमंत्री को इस संबंध में रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके आधार पर मुख्यमंत्री स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और चुनाव कार्यक्रम तय होगा।
पूर्व सीएम गहलोत ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि लोकसभा अध्यक्ष और उपराष्ट्रपति दोनों केंद्र सरकार और संघ के दबाव में काम कर रहे हैं। धनखड़ ने कुछ दिन पहले जयपुर में दावा किया था कि वह किसी दबाव में नहीं हैं, लेकिन अचानक उनका इस्तीफा इस बात का सबूत है कि उन पर दबाव था। गहलोत ने दावा किया कि धनखड़ का स्वास्थ्य ठीक है और यह इस्तीफा दबाव का परिणाम है।


