Friday, May 15, 2026
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राजस्थान में शराबबन्दी पर बोले आबकारी मंत्री शांति धारीवाल, कहा शराबबंदी लागू ….

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जयपुर abhayindia.com आबकारी मंत्री शांति धारीवाल ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि शराब की दुकानों के संचालन से संबंधी शिकायत की सूचना विभाग को जब भी प्राप्त होती है तो उस पर अविलंब कार्रवाई की जाती है।

धारीवाल प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होेंने कहा कि एक लाइसेंस से एक से अधिक दुकान चलाने वालों के खिलाफ शिविर लगाकर कार्रवाई करने के बारे में विभाग को निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र महुवा में राष्ट्रीय राज मार्ग जयपुर-आगरा पर स्थिति ग्राम हडिया में दुकान आवंटन में अनियमितता करने पर तत्कालीन आबकारी निरीक्षक लोकेश कुमार को सीसीए नियम-16 के तहत आरोप पत्र जारी कर राज्य सेवा से निलंबित भी कर दिया गया है। साथ ही तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी, दौसा लक्ष्मीनारायण देवन्दा को नियम सीसीए-17 के तहत नोटिस जारी किया गया है।
इससे पहले इन्द्रा के मूल प्रश्न के जवाब में धारीवाल ने कहा कि शराबबन्दी के संबंध में प्राप्त अभ्यावेदनों का विश्लेषण कर शराबबन्दी के सभी पहलुओं पर विचार करने हेतु समिति का गठन सी.एस. राजन तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 26 मार्च 2013 को किया गया था।
उन्होेंने बताया कि कमेटी द्वारा 10 सितंबर 2013 को रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। उन्होंने समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का सारांश देते हुए बताया कि समिति की यह सुविचारित एवं सर्वसम्मत राय रही कि शराबबंदी एक व्यावहारिक नीति नहीं है एवं राजस्थान में मद्यसंयम की नीति ही एकमात्र व्यावहारिक समाधान है। उन्होंने बताया कि सरकार का वर्तमान में शराबबंदी लागू करने का विचार नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा आबकारी एवं मद्यसंयम नीति घोषित की गयी है, जिसमें मद्यसंयम के प्रावधानों पर अधिक बल दिया गया है।
धारीवाल ने मद्यसंयम के तहत नीतिगत निर्देशों के बारे में बताया कि मदिरा दुकानों के खुलने व बन्द होने के समय की कठोरता से पालना, मदिरा उपभोग को प्रोत्साहित करने वाले विज्ञापनों पर कठोर कार्यवाही, अव्यस्क व्यक्तियों को नशीले पदार्थो की बिक्री पर रोक, नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार, सार्वजनिक स्थलों पर मद्य सेवन पर जुर्माना, दुकानों पर निर्धारित सूचना के अलावा विज्ञापन प्रदर्शित करने पर रोक, अवैध व हथकड मदिरा पर रोक सहित मद्यसंयम के प्रावधानों के प्रभावी पालन करते हुये आबकारी नीति संचालित है जो आबकारी राजस्व की चोरी को रोकती है।
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