पूर्व सांसद से बोले शिक्षाकर्मी- ‘न्यायालय के आदेश की कराओ पालना’

चूरू सांसद रामसिंह कस्वां को पेंशन के संबंध में उच्च न्यायालय के आदेश की पालना की मांग करते समायोजित शिक्षाकर्मी संघ के पदाधिकारी।

बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। राजस्थान अनुदानित समायोजित शिक्षाकर्मी संघ (वेलफेयर सोसायटी) से जुड़े पदाधिकारियों ने पेंशन की मांग को लेकर संभाग के जनप्रतिनिधियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में संघ के पदाधिकारी चूरू के पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां से मिले। पदाधिकारियों ने सांसद कस्वां को बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने गत दो फरवरी को एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए समायोजित शिक्षाकर्मियों को राजस्थान सिविल सेवा पेंशन अधिनियम 1996 के तहत पेंशन का हकदार माना है। न्यायालय के उक्त आदेश की पालना के संबंध में राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इससे समायोजित शिक्षाकर्मियों में रोष व्याप्त हो रहा है। पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2011 में अनुदानित शिक्षण संस्थाओं के शिक्षाकर्मियों का राज्य सरकार में समायोजन किया गया था तथा नई पेंशन स्कीम के तहत पेंशन का प्रावधान किया था। शिक्षाकर्मियों की वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सरदार सिंह बुगालिया व अन्य ने पुरानी स्कीम के तहत पेंशन देने को लेकर उच्च न्यायालय में छह साल पहले याचिका दायर की थी। न्यायालय ने उक्त् याचिका की सुनवाई करते हुए शिक्षाकर्मियों को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ देने का आदेश दिया था। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई कार्यवाही नहीं होना चिंताजनक है। पूर्व सांसद कस्वां ने संघ के शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही राज्य सरकार से इस संबंध में बातचीत करके न्यायोचित कार्यवाही करवाएंगे। शिष्टमंडल में सोसायटी के कोषाध्यक्ष अजय पंवार, प्रभा पारीक, अशोक कसेरा, सोसायटी की जिला इकाई के जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश बाना आदि पदाधिकारी शामिल थे।