भक्ति भाव से होते हैं मनोविकार दूर : साध्वीश्री मृगावती

बीकानेर Abhayindia.com  साध्वीश्री मृगावती, बीकानेर मूल की साध्वी सुरप्रिया व नित्योदया के सान्निध्य में शनिवार को  रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में चल रहे श्री भक्तामर अभिषेक व पूजा विधान में भगवान आदिनाथ के जयकारों के साथ पूजा की गई। पूजा का लाभ सुश्रावक मोतीचंद, नरेन्द्र राजीव, रेनू खजांची, वरिष्ठ सुश्रावक देवेन्द्र सोनावत, सुभास देवी व झलक खजांची, चातुर्मास व्यवस्था समिति के संयोजक निर्मल पारख, विकास, चन्द्रा, सुरभि पारख व कुसुम डागा ने लिया।

साध्वीश्री मृगावतीश्रीजी ने भक्तामर स्तोत्र की 25-26वीं गाथा का विवेचन करते हुए कहा कि मानतुंगाचार्य ने भगवान आदिनाथ की साधना, आराधना व भक्ति के इस स्तोत्र में जुड़ी सभी कड़ियां परमात्मा के प्रति आस्था, विश्वास व निष्काम भक्ति की भावना जगाती है। तीन लोकों के जीवों को मोक्ष के लिए देशना देने वाले परमात्मा योगी, विधाता, पुरुषोतम तक पहुंचाने वाले है। भक्तामर स्तोत्र भाव व भक्ति के साथ जाप करने से मनोविकार दूर होते हैं। रविवार को भक्तामर स्तोत्र के अभिषेक व पूजन श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष भीखमचंद, धीरज कुमार, अशोक कुमार, रौनक कुमार बरड़िया परिवार करेंगे।