Hometrendingजोधपुर डिस्‍कॉम में भ्रष्‍टाचार का बोलबाला, कर्मचारियों की कमी, अधिकारियों की मनमानी,...

जोधपुर डिस्‍कॉम में भ्रष्‍टाचार का बोलबाला, कर्मचारियों की कमी, अधिकारियों की मनमानी, कर्मचारी नेता ने दी आमरण अनशन की चेतावनी

AdAdAdAdAdAdAd

बीकानेर Abhayindia.com जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कर्मचारी मजदूर संघ बीकानेर के वरिष्‍ठ प्रदेश उपाध्‍यक्ष रामकुमार व्‍यास ने जोधपुर डिस्‍कॉम में करोड़ाें रुपए के फर्जी बिल उठाने के मामले की जांच करवाकर एफआईआर कराने, बीकानेर में बिजली कर्मचारियों के रिक्‍त पद भरने जैसी मांगों को लेकर 19 जनवरी को आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। कर्मचारी नेता व्‍यास ने आज प्रेस कांफ्रेंस में इसका ऐलान किया।

उन्‍होंने बताया कि जोधपुर डिस्‍कॉम में मैसर्स भंवरिया इंफ्रा प्रोजेक्‍टस कई तरह के कार्य कर रही है। इस फर्म द्वारा पोल, कंडक्‍टर, ट्रांसफार्मर इत्‍यादि सामान बिना खरीद किए ही करोड़ाें रुपए के बिल उठा लिए। इस गबन की जांच चीफ इंजीनियर बीकानेर की ओर से कमेटी गठित कर करवाने पर खरीद की गई फार्में के इनवॉइस से बिलों के मिलान करने पर पाया गया कि उक्‍त फर्म द्वारा पोल के न तो ई वे बिल बनाए गए और न ही जांच कमेटी को उपलब्‍ध करवाए गए है। सामान देने वाली फर्मों से जानकारी प्राप्‍त करने पर पाया गया कि उक्‍त फर्म की ओर से ट्रांसफार्मर जो कि मैसर्स श्री ट्रांसफार्मर जयपुर से खरीदे गए है जबकि उसके मूल इनवॉइस 12 लाख की है जिसे फजीवाड़ा कर 65 लाख की इनवॉइस बताया गया है। इस तरह कुल 774 ट्रांसफार्मर बिना ई वे बिल के पाए गए है। इसमें करोड़ाें का घपला हुआ है।

व्‍यास ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए मैंने डिस्‍कॉम के उच्‍च अधिकारियों को कई बार स्‍मरण पत्र दिए लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। उलटे अधिकारियों द्वारा मुझसे धमकीभरे लहजे में बात की जा रही है। अधिकारियों ने गबन करने वाली फर्म के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय बीकानेर सर्किल में नया काम और दे दिया है क्‍योंकि यहां अधिकारियों के साथ मिलीभगती के कारण सबसे ज्‍यादा पोल पट्टी चल रही है। व्‍यास ने कहा कि मैंने डिस्‍कॉम में 42 साल नौकरी की है। मुझे रिटायर हुए नौ साल हो गए। लेकिन, चाहता हूं कि निगम भ्रष्‍टाचार से बचे, इसे नुकसान नहीं हो। इसी से हम रोटी खा रहे हैं इसलिए इसे बबार्द होते देख नहीं सकते।

व्‍यास ने कहा कि डिस्‍कॉम में कर्मचारियों का शोषण हो रहा हे। उन्‍हें बारह तरह के काम दिए जा रहे हैं जबकि अधिकारी खाली बैठे है। इस तरह कर्मचारियों के साथ निरंतर दुर्व्‍यवहार हो रहा है। निगम में जो कर्मचारी 1992 में लगे थे उनका प्रमोशन अभी तक नहीं हुआ। जबकि 2012 में जो लगे थे उन्‍हें प्रमोशन मिल गया। डीपीसी को लेकर उच्‍च अधिकारी और सरकार ध्‍यान नहीं दे रही हे। डिस्‍कॉम में व्‍याप्‍त भ्रष्‍टाचार, अधिकारियों की मनमानी और कर्मचारियों के पद भरने उनकी मांगों का निस्‍तारण करने को लेकर मैं आमरण अनशन करने की घोषणा कर रहा हूं।

AdAdAdAd
- Advertisment -

Most Popular