Friday, April 24, 2026
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मुख्य सचिव ने की आपदा तैयारियों की समीक्षा, अब अर्ली वार्निंग और मजबूत व्यवस्थाओं से कम होगा नुकसान

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जयपुर Abhayindia.com मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रदेश में आपदाओं से आमजन को सुरक्षित रखने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली को सुदृढ़ करने, शहरी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने तथा प्रभावित नागरिकों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर चेतावनी और बेहतर समन्वय से आपदा के दौरान नुकसान को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने शुक्रवार ​को सचिवालय में आयोजित राज्य कार्यकारी समिति (एसईसी) की बैठक में राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (एसडीएमएफ) एवं अन्य प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें तथा ड्रेनेज, प्रोटेक्शन वॉल एवं अन्य संरचनात्मक कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराएं, ताकि स्थानीय स्तर पर जोखिम कम हो सके।

उन्होंने आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए कि चयनित जिलों में अर्ली वार्निंग सिस्टम शीघ्र स्थापित किया जाए, ताकि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में समय रहते चेतावनी जारी की जा सके। जयपुर सहित प्रमुख शहरों में शहरी बाढ़ प्रबंधन कार्यों को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जलभराव एवं ड्रेनेज से जुड़ी समस्याओं का दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि फार्म पॉण्ड, सिंचाई पाइपलाइन, ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर तथा वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए, जिससे किसानों को राहत मिल सके। राज्य कृषि विपणन बोर्ड को मंडियों में शेड निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों एवं व्यापारियों को प्रतिकूल मौसम में सुविधा मिल सके।

मुख्य सचिव ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रमुख अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट एवं आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वायत्त शासन विभाग को शहरी क्षेत्रों में ड्रेनेज एवं बाढ़ नियंत्रण कार्य समयसीमा में पूर्ण करने तथा डीएमआईएस 2.0 जैसी तकनीक आधारित प्रणालियों को लागू करने पर बल दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित नागरिकों एवं किसानों को एसडीआरएफ के अंतर्गत त्वरित राहत राशि समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सभी कार्य एसडीएमएफ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ किए जाएं तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से उनकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग भास्कर आत्माराम सावंत, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन, शासन सचिव कार्मिक विभाग अर्चना सिंह, आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे तथा संबंधित जिला कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।

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