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बीकानेर मूल के बालक ध्रुव ने फहराया अपना परचम

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बीकानेर abhayindia.com बीकानेर मूल के ध्रुव जोशी व्यास जो कि हाल में काठमांडो, नेपाल में रहते हैं ने एक सूक्ष्म ग्रह की खोज करके भारत और नेपाल दोनों देशों को गौरवान्वित किया है।

ध्रुव के मामाजी मुकेश पारीक ने बताया कि ध्रुव जोशी व्यास ने 11 वर्ष की आयु में एक सूक्ष्म ग्रह की खोज की है। यह सूक्ष्म ग्रह मंगल और वृहस्पति ग्रह के बीच में पाए जाने वाले पिंड है जिनकी उत्पति ब्रह्माण्ड के आरम्भिक दिनों में हुई थी। ये भी सूर्य का चक्कर लगाते है। इनका अध्धयन वैज्ञानिक, भविष्य में पृथ्वी से टकराने की संभावना, आगामी मिशन के पथ निर्धारण, हाल खनिज की खोज व ब्राह्माण्ड उत्पति के रहस्यों का पता लगाने के लिये करते है।

IAV (International Astronaomical Socity) के तत्वावधान में होने वाली Asteroid Search Compaign के अन्तर्गत ध्रुव ने ट्रेनिंग ली तथा Hawaii में स्थापित Pan-Starrs Telescope से प्राप्त तस्वीरों का analyze करके इस सुक्ष्म ग्रह का पता लगाया। यह 3.41 वर्ष में सूर्य का चक्कर लगाता है। इस ग्रह को 2019-JP-60 का अस्थाई नाम दिया गया है। इसके सम्पूर्ण अध्धयन के पश्चात ध्रुव को इसको स्थाई नाम देने का मौका मिलेगा। ध्रुव ने बताया कि इसका नाम अपने नानाजी दाऊलाल पारीक के नाम रखने की इच्छा है।

आपको बता दें, बालक ध्रुव अभी 12 वर्ष का है 2019 में इस ग्रह की खोज की थी उस समय उसकी उम्र मात्र 11 वर्ष थी। सूक्ष्म ग्रह का पता लगाने वाला ध्रुव सम्भवत: विश्व का अब तक सबसे कम उम्र का बालक है। जिसे संभवतया गिनीज बुक ऑफ वर्ड रिकार्ड में दर्ज किया जायेगा।

 

 

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