





बीकानेर abhayindia.com कोरोना वायरस की महामारी के मद्देनजर प्रदेशभर में शटडाउन चल रहा है। इसके चलते बीकानेर में भी औद्योगिक उत्पादन बंद है। वर्तमान में मंदी का दौर चल रहा है। इधर, सरकार का आदेश है कि जितना भी स्टाफ है उन्हें शट डाउन अवधि का भुगतान भी किया जाए। इस पर व्यापारियों को स्टाफ को सैलेरी व रेंट वाले को रेंट देना पड़ेगा। इन परिस्थितियों के चलते उन कारोबारियों को बेहद चिंता हो रही है जिन्होंने बैंक से लाॅन ले रखा और उस पर ब्याज की तलवार लटक रही है।
कारोबारियों का कहना है कि अपने सामाजिक दायित्व को समझते हुए वे अपने स्टाफ का संकट में नहीं डाल सकते, लेकिन वर्तमान मंदी के दौर और शटडाउन के हालात में खर्च एवं आय के संतुलन के बिगड़ने की स्थिति में लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों से जुड़े कारोबारी एक सीमा के बाद खर्च का दबाव झेल नहीं पाएंगे। इसलिए सरकार को विकट परिस्थितियों में सहयोग करने वाले कारोबारियों को सहयोग करना चाहिए।
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बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के अध्यक्ष जुगल राठी ने बताया कि संकट की इस स्थिति में सम्पूर्ण व्यापारी वर्ग सरकार के साथ है। सरकार के आदेश के अनुसार व्यापारिक प्रतिष्ठान एवं कारखाने बंद कर दिए गए हैं, लेकिन स्टाफ सैलेरी, रेंट आदि खर्चे यथावत हैं। इसके बाद भी कारोबारी सामाजिक सरोकार में भी अपनी भागीदारी निभाता है। सरकार के साथ कंधे से कंधा मिला कर चलता है। ऐसे में व्यापारी वर्ग सरकार से बैंक ब्याज माफी का आग्रह करता हैं।
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