












नई दिल्ली Abhayindia.com भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने ईरान में जारी हिंसा और आंदोलन के बीच अपने नागरिकों को लेकर चिंता जताते हुए एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी करते हुए वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को तुरंत लौटने को कहा है। साथ ही सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी है। आपको बता दें कि ईरान में ये विरोध प्रदर्शन पिछले महीने के आखिर में तब शुरू हुए थे, जब ईरानी मुद्रा रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद ये आंदोलन धीरे-धीरे देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गया। शुरुआत में आर्थिक मुद्दों को लेकर शुरू हुए ये प्रदर्शन अब राजनीतिक बदलाव की मांग में बदल चुके हैं।
विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी में कहा है कि भारतीय नागरिक उपलब्ध सभी परिवहन साधनों का उपयोग करें, जिनमें कमर्शियल उड़ानें भी शामिल हैं, ताकि वे सुरक्षित रूप से ईरान से बाहर निकल सकें। सरकार ने दोहराया है कि ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिक और पीआईओ पूरी सतर्कता बरतें। उन्हें किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन या अशांत क्षेत्रों से दूर रहने, स्थानीय हालात पर नजर बनाए रखने और ईरान स्थित भारतीय दूतावास के नियमित संपर्क में रहने की सलाह दी गई है। ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने यात्रा और इमिग्रेशन से जुड़े दस्तावेज, जैसे पासपोर्ट और पहचान पत्र, हर समय अपने पास सुरक्षित और तैयार रखें।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की सहायता या जानकारी के लिए भारतीय नागरिक तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले 5 जनवरी को जारी एडवाइजरी में भी भारत सरकार ने अपने नागरिकों से ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया था। साथ ही ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों को पूरी सावधानी बरतने और विरोध-प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई थी।
ईरान के प्रधान न्यायाधीश ने सरकार विरोधी राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और फांसी की सजा का संकेत दिया है। वहीं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कहा कि मृतकों की संख्या बढ़कर 2,572 हो गई है। अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ ने बताया कि बुधवार सुबह तक मृतकों की संख्या बढ़कर 2,571 हो गई थी। यह आंकड़ा दशकों में ईरान में हुए किसी भी विरोध प्रदर्शन या अशांति में हुई मौतों की संख्या से कहीं अधिक है और देश की 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान फैली अराजकता की याद दिलाता है। मृतकों की संख्या की जानकारी मिलने के बाद, ट्रंप ने ईरान के नेताओं को चेतावनी दी कि वह किसी भी प्रकार की बातचीत समाप्त कर रहे हैं और ‘‘कार्रवाई करेंगे।




