





जयपुर Abhayindia.com मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा डिजिटल गवर्नेंस को और सुदृढ़ करने, सेवाओं के त्वरित निस्तारण को सुनिश्चित करने तथा आगामी सुधारों को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में त्वरित निर्णय लेते हुए कार्य किया जा रहा है। सरकार की इसी प्रतिबद्धता की बदौलत राजस्थान देश में एक अग्रणी निवेश गंतव्य (इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन) के रूप में विशेष पहचान बना रहा है।
मुख्य सचिव कार्यालय के तहत गठित ‘डी-रेगुलेशन सेल’ द्वारा जारी जून माह की मासिक इम्पैक्ट एसेसमेंट रिपोर्ट (Impact Assessment Study) रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान राज्य के प्रयासों से विगत माह में विनियामक सुधारों तथा ‘राजनिवेश’ सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से व्यापार सुगमता (ईज आफ डूइंग बिजनेस) के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया प्रदेश की ये उपलब्धियाँ डीरिगुलेशन फेज-1 के अंतर्गत किए गए प्रमुख सुधारों का परिणाम हैं, जिनमें स्वीकृति प्रक्रियाओं का सरलीकरण, ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार, जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली का कार्यान्वयन तथा अनुपालन बोझ में कमी जैसे सतत प्रयास शामिल है।
तीन माह में 30 हजार आवेदनों में से 17 हजार से अधिक का निस्तारण
अप्रैल से जून 2026 की अवधि के दौरान राजनिवेश पोर्टल पर 30,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 17,000 से अधिक का निस्तारण किया जा चुका है। केवल जून 2026 में 10,908 आवेदन प्राप्त हुए, जो पोर्टल के बढ़ते उपयोग तथा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। विभिन्न सेवाओं के निस्तारण में निर्धारित समय-सीमा की तुलना में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
मासिक स्टडी रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य में निवेश परिदृश्य सुदृढ़ हुआ है तथा जून 2026 के दौरान रियल एस्टेट, नवीकरणीय ऊर्जा, वस्त्र, पर्यटन तथा रत्न एवं आभूषण क्षेत्रों में 1.03 लाख करोड़ रूपये से अधिक के निवेश अभिरुचि प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। जिला स्तर पर जयपुर, जोधपुर, अजमेर एवं कोटा अग्रणी रहे हैं, जबकि डीडवाना-कुचामन, फलोदी एवं सिरोही जैसे जिलों में स्वीकृतियों में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है। डीडवाना-कुचामन, सिरोही, ब्यावर, करौली एवं फलोदी जिलों में स्वीकृत आवेदनों की संख्या में पिछले माह की तुलना में 50 प्रतिशत से की अधिक वृद्धि दर्ज की गई। वहीं प्रदेश में नए विद्युत कनेक्शन की औसत स्वीकृति अवधि पिछले वित्तीय वर्ष के 20 दिनों से घटकर 10 दिन हो गई है, इसी प्रकार पर्यटन परियोजनाओं की स्वीकृति अवधि 22 दिनों से घटकर 16 दिन हो गई है।
महिला कार्यबल की भागीदारी में भी वृद्धि
औद्योगिक इकाइयों में महिला कार्यबल की भागीदारी में भी वृद्धि देखी गई है, जहाँ 26 से 32 प्रतिशत महिलाएँ तकनीकी एवं संचालनात्मक भूमिकाओं में कार्यरत हैं। रात्रिकालीन कार्य हेतु सुरक्षित परिवहन, सुरक्षा व्यवस्था, भत्ते, क्रेच, कैंटीन, स्वच्छता सुविधाएँ एवं प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र की उपलब्धता, सुरक्षित एवं समावेशी कार्यस्थल सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार की नीतियों एवं उद्योगों के समन्वित प्रयासों को दर्शाती है।






