Hometrendingधर्मकाँटों पर अनियमितताओं का "कांटा", विशेष अभियान में 179 जगहों पर कार्रवाई,...

धर्मकाँटों पर अनियमितताओं का “कांटा”, विशेष अभियान में 179 जगहों पर कार्रवाई, 18 धर्मकांटे जब्त

AdAdAdAdAdAdAdAdAdAd

जयपुर Abhayindia.com उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार राज्य में निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा उपभोक्ताओं के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा 23 से 25 जून तक प्रदेशभर में धर्मकांटों (वे-ब्रिज) का विशेष सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान कुल 311 धर्मकांटों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में 179 संस्थानों पर विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए 3 लाख 99 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं गंभीर अनियमितताओं के मामलों में 18 धर्मकांटे भी जब्त किए गए।

निरीक्षण में 116 मामलों में बिना सत्यापन के धर्मकांटे संचालित पाए गए। इसके अलावा 98 मामलों में सत्यापन प्रमाण-पत्र प्रदर्शित नहीं किया गया, 48 मामलों में मानक बाट सत्यापित नहीं मिले, जबकि 27 संस्थानों पर अनिवार्य एक टन मानक भार उपलब्ध नहीं था। वहीं 2 मामलों में निर्धारित अधिकतम स्वीकार्य त्रुटि से अधिक वजन पाया गया, जिससे व्यापारिक लेन-देन की पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित होने की आशंका है। जिला स्तर पर ब्यावर में सर्वाधिक 34 हजार 500, चूरू में 30 हजार, हनुमानगढ़ में 26 हजार, अलवर में 22 हजार 500 तथा अजमेर में 18 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। साथ ही अलवर जिले में सर्वाधिक 9 धर्मकांटे जब्त किए गए।

विभाग की ओर से बताया कि व्यापारिक लेन-देन में उपयोग होने वाले सभी धर्मकांटों का समय पर सत्यापन कराना, सत्यापन प्रमाण-पत्र का सार्वजनिक प्रदर्शन करना तथा निर्धारित मानक भार उपलब्ध रखना अनिवार्य है। इन प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिक माप विज्ञान अधिनियम एवं नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने सभी धर्मकांटा संचालकों से अपील की है कि वे अपने उपकरणों का समय पर सत्यापन कराएं, आवश्यक मानक भार उपलब्ध रखें तथा सभी वैधानिक प्रावधानों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। विभाग द्वारा भविष्य में भी प्रदेशभर में ऐसे विशेष निरीक्षण अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाएंगे, ताकि व्यापारिक गतिविधियों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और उपभोक्ताओं का विश्वास कायम रखा जा सके।

AdAdAdAdAdAdAdAdAdAdAdAdAd
- Advertisment -

Most Popular