









जयपुर Abhayindia.com भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और आरएलपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के बीच बयानों के बाण तेज हो रहे हैं। आपको बता दें कि मदन राठौड़ द्वारा मीडिया के सामने हनुमान बेनीवाल का सामाजिक बहिष्कार करने को लेकर दिए गए एक बयान के बाद आरएलपी प्रमुख बेनीवाल ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर अब वे सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हमारा देश पूरी तरह से बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित पवित्र संविधान और स्थापित कानूनों से चलता है। ऐसे सभ्य समाज में आज के आधुनिक दौर में कोई भी खाप पंचायतें भी किसी नागरिक या जन प्रतिनिधि का सामाजिक बहिष्कार करने का दुस्साहस नहीं कर सकती हैं। ऐसे में एक सत्ताधारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक रूप से सामाजिक बहिष्कार करने की बात कहना सीधे तौर पर देश की कानूनी मर्यादाओं को लांघना और आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है।
बेनीवाल ने चेतावनी दी है कि वे इस बयान को लेकर बेहद गंभीर हैं और मदन राठौड़ को इसका कानूनी जवाब भुगतना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि वे इस मामले को केवल एक राजनैतिक बयान मानकर चुप बैठने वाले नहीं हैं। मदन राठौड़ के इस आपत्तिजनक बयान के खिलाफ विधिक राय लेने के लिए वे पिछले कुछ दिनों से लगातार राजस्थान हाईकोर्ट और देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ और नामचीन अधिवक्ताओं के सीधे संपर्क में हैं।
बेनीवाल ने कहा कि वकीलों की टीम इस बयान के वीडियो फुटेज और अखबारों के बयानों का बारीकी से तकनीकी व कानूनी अध्ययन कर रही है। बहुत जल्द मदन राठौड़ को एक कड़ा कानूनी नोटिस भेजा जाएगा और उसके बाद भी यदि आवश्यक हुआ तो उनके खिलाफ मानहानि और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की धाराओं के तहत कोर्ट में मामला दर्ज कराया जाएगा।
इधर, बेनीवाल की इस कानूनी और राजनैतिक घेराबंदी के बाद भाजपा खेमे में भी हलचल तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बेनीवाल के आरोपों पर पूरी आक्रामकता के साथ पलटवार किया है। मदन राठौड़ ने आरोप लगाया कि आरएलपी प्रमुख अपनी ढहती हुई राजनीति को बचाने के लिए राजस्थान के सीधे-साधे ग्रामीण युवाओं को पूरी तरह से भटकाने का काम कर रहे हैं।


