









जयपुर Abhayindia.com प्रदेश में उपभोक्ताओं को पेट्रोल एवं डीजल की सही मात्रा उपलब्ध कराने तथा पेट्रोल पम्पों पर माप एवं वितरण प्रणाली की नियमित जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा दिनांक 13 मई से 18 मई तक विभिन्न जिलों में विशेष निरीक्षण अभियान संचालित किया गया।
अभियान के दौरान कुल 226 पेट्रोल पम्पों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से अधिकांश पेट्रोल पम्प निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए तथा उपभोक्ताओं को सही मात्रा में पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति करते पाए गए। विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई स्थानों पर वितरण में अत्यंत मामूली अंतर निर्धारित सीमा के आसपास था, जो तापमान, मशीनों की तकनीकी संवेदनशीलता, उपकरणों के कैलिब्रेशन अथवा अन्य परिचालन कारणों से उत्पन्न हो सकता है।
निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल पम्प संचालकों को प्रतिदिन अपने डिस्पेंसिंग यूनिट्स की जांच एवं सत्यापन हेतु प्रेरित करना तथा उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विभाग द्वारा की गई कार्रवाई गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने हेतु नियमित निगरानी की प्रक्रिया का हिस्सा थी। निरीक्षण के दौरान अधिकांश मामलों में कमी निर्धारित सीमा के निकट पाई गई, जबकि कुछ चुनिंदा मामलों में लगभग 40 मि.ली. से 120 मि.ली. तक की कमी पाई गई।
अभियान के दौरान कुल 226 पेट्रोल पम्पों का निरीक्षण किया गया। इनमें से लगभग 116 पेट्रोल पम्प निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए एवं सही वितरण करते पाए गए। 110 पेट्रोल पम्पों पर विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की गई। कुल 60 प्रकरण शोर्ट डिलीवरी से संबंधित पाए गए। 103 नोजल नियमानुसार सीज किए गए। 56 प्रकरण सत्यापन प्रमाण पत्र प्रदर्शित नहीं किए जाने से संबंधित पाए गए। 16 प्रकरण अप्रमाणित माप उपकरणों से संबंधित पाए गए।
विभाग द्वारा पेट्रोल पम्प संचालकों से अपेक्षा की गई है कि वे प्रतिदिन “5 लीटर माप” के माध्यम से स्वयं जांच सुनिश्चित करें तथा मशीनों का समय-समय पर रखरखाव एवं कैलिब्रेशन कराते रहें, जिससे उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सही मात्रा में ईंधन उपलब्ध हो सके। विधिक माप विज्ञान विभाग भविष्य में भी उपभोक्ता हितों की सुरक्षा एवं पारदर्शी व्यापार व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकार के निरीक्षण अभियान नियमित रूप से संचालित करता रहेगा।


