






जयपुर Abhayindia.com पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पत्र को लेकर राजस्थान की राजनीति गर्मा गई है। इस बीच, खुद वसुंधरा राजे ने सामने आकर इस पत्र को पूरी तरह फर्जी करार दिया है। उन्होंने X पर स्पष्ट किया कि “सांच को आंच की जरूरत नहीं है” और वायरल पत्र को “शुभचिंतकों की कारगुजारी” बताया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने के प्रयासों का वे समर्थन करती हैं और देश की हर महिला इसका स्वागत कर रही है।
राजे ने अपने बयान में कहा कि कुछ लोग भ्रम फैलाने और बाधाएं उत्पन्न करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन देश की नारी शक्ति न रुकी है और न रुकेगी। उनके इस स्पष्ट खंडन के बाद मामला धीरे-धीरे शांत होता नजर आया। हालांकि, कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे असली मानते हुए भाजपा पर जमकर निशाना साधा और पार्टी के भीतर मतभेदों के आरोप लगाए। आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस पत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर अलग राय होने का दावा किया गया था।


