Friday, June 19, 2026
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ऋण के लिए अब सरकारी कार्मिकों की गारंटी की आवश्यकता नहीं होगी

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जयपुर Abhayindia.com सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने मंगलवार को यहॉं नेहरू सहकार भवन स्थित सभागार में राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड (अनुजा निगम) के वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए ऋण आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने के लिए पोर्टल का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि ऋण के लिए अब सरकारी कार्मिकों की गारंटी की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने इस सम्बंध में सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिये।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल पर जरूरतमंद व्यक्तियों को 50 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का ऋण स्वीकृत किया जाता है। निगम द्वारा 12 हजार से अधिक व्यक्तियों को लगभग 200 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि आज से वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी, विशेष योग्यजन एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्ति ऋण हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। पोर्टल पर अब सारा डाटा जनाधार से फेच किया जाता है।

जूली ने कहा कि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने से पारदर्शिता आएगी। आज सूचना तकनीक के युग में वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग को पेंशन, छात्रवृति आदि सुविधाएं सीधे उनके खाते में मिल रही है। राज्य सरकार लगभग 94 लाख पेंशनर्स को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दे रही है और ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से महज 2 मिनट में पेंशन स्वीकृत हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा प्रत्येक वर्ग के विकास एवं उत्थान के लिए विभिन्न कोषों का भी गठन किया गया है। विभाग द्वारा लगभग सवा करोड़ से अधिक लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

इस अवसर पर राजस्थान राज्य अन्य पिछडा वर्ग वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष पवन गोदारा ने कहा कि अनुजा निगम एक चौनेलाइजिंग एजेंसी है जिसका प्रमुख कार्य राजस्थान में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, निःशक्तजन एवं सफाई कर्मचारी, अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों का आर्थिक विकास एवं उनकी उन्नति में सहायता करना है ताकि इन वर्गों के सदस्यों का जीविकोपार्जन सही ढंग से हो सके तथा उनके रहन-सहन के स्तर में सुधार हो सके।

राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष, शंकर यादव ने कहा कि योजनाओं का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अभिनव प्रयास किये गये है।

इस अवसर पर राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के उपाध्यक्ष, अवधेश दिवाकर बैरवां, सदस्य ओम प्रकाश जैदिया और सांगी लाल वर्मा, राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग वित व विकास आयोग के उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गुर्जर, सदस्य हरिशंकर जांगिड़ सहित महाप्रबंधक, राजेश वर्मा, प्रबंध निदेशक, अनुजा निगम, शीशराम चावला, महाप्रबंधक अनुजा निगम तथा निगम के अन्य उच्च अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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