






बीकानेर Abhayindia.com संभाग के सबसे बड़े राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य कक्ष में युवा वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रोफेसर डॉ. ओ.पी. जांगिड ने कहा कि विद्यार्थी अपनी सकारात्मकता एवं निरंतरता के बल पर ही अनुसंधान में सफल हो सकता है। उन्होंने कहा कि असफलता सफलता का मार्ग खोलती है, हमें शोध कार्य में असफलता के कारण पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए तथा अपने प्रयास निरंतर करने चाहिए। अवसर था उन युवा विद्यार्थियों के सम्मान का जो की विगत दिनों राजकीय डूंगर महाविद्यालय में विकिरण एवं कैंसर विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न श्रेणियों में चयनित हुए थे।
इस अवसर पर अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. राजेंद्र पुरोहित ने कहा कि गुरु के बिना शोध कार्य में सफलता संभव नहीं है। गुरु के उत्तम मार्गदर्शन में विद्यार्थी अपने अनुशासन के दम पर शोध की ऊंचाइयों को छू सकते हैं तथा अनुसंधान में आगे बढ़ सकते है। इस प्रोत्साहन कार्यक्रम में वैज्ञानिक एम. राजू अवार्ड से चयनित डूंगर महाविद्यालय के विद्यार्थी कनिष्क व्यास तथा युवा वैज्ञानिक के रूप में चयनित संस्थान के ही विद्यार्थी धर्मेश नारायण पुरोहित, मोनिका राठौड़, खुशबू मीना, अनुष्का सिंह को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यकम में सेमिनार के सफलतम संचालन में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने वाले नेहा बुड़ानिया, एकता एवं ममता को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. अन्ना राम शर्मा, डॉ. विक्रम जीत सिंह, डॉ. सुमित्रा चारण, डॉ. सोनू शिवा, डॉ. श्यामा अग्रवाल, डॉ. कैलाश स्वामी, डॉ. अनु शर्मा, डॉ. बलराम साई, डॉ. हेमेन्द्र सिंह भंडारी, डॉ. महेंद्र सिंह सोलंकी, डॉ. निर्मल कुमार रांकावत उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्चना पुरोहित ने किया।


