








जोधपुर Abhayindia.com राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण जोधपुर ने बीकानेर निवासी मनीषा भारद्वाज जो कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अंकिसर तहसील नोखा जिला बीकानेर में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत है उसके स्थानान्तरण आदेश दिनांक 22.09.25 पर रोक लगाते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। मनीषा भारद्वाज वर्तमान में प्रिंसिपल के पद पर दिनांक 25.04.25 से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अंकिसर तहसील नोखा जिला बीकानेर में कार्यरत है। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा आदेश दिनांक 24.01.25 से उसकी पदोन्नति उप प्राचार्य से प्राचार्य के पद पर वर्ष 2023-24 की रिक्तियों के विरूद्ध की गई। तत्समय वह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कतरियासर, बीकानेर में कार्यरत थी उसने प्राचार्य के रूप में उसी विद्यालय में दिनांक 25.01. 25 को कार्यग्रहण कर लिया।
निदेशक माध्यमिक शिक्षा के आदेश से पदोन्नति पश्चात उसका पदस्थापन दिनांक 12.04.25 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कतरियासर से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अंकिसर ब्लाॅक नोखा जिला बीकानेर में काउंसलिंग के माध्यम से किया गया। जिस पर अपीलार्थी ने दिनांक 25.04.2025 को कार्यग्रहण कर लिया। निदेशक माध्यमिक शिक्षा द्वारा स्थानान्तरण आदेश दिनांक 22.09.25 के आदेश से भारद्वाज का पुनः स्थानान्तरण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अंकीसर, बीकानेर से रा.उ.मा.वि बसनपीर जूनी, जैसलमेर किया गया। विभाग के इस कृत्य से व्यथित होकर भारद्वाज ने अपने अधिवक्ता प्रमेन्द्र बोहरा के माध्यम से एक अपील राजस्थान सिविल सेवा अधिकरण जोधपुर के समक्ष प्रस्तुत की।
अपीलार्थी के अधिवक्ता का अधिकरण के समक्ष यह तर्क था कि अपीलार्थी ने वर्तमान विद्यालय में 25.04.25 को ही प्राचार्य के पद पर कार्यग्रहण किया है व पुनः उसका अल्प अवधि में स्थानान्तरण बीकानेर से जैसलमेर किया गया जो विधि विरूद्ध है क्योंकि राज्य सरकार की स्थानान्तरण नीति के तहत कर्मचारी को कम से कम दो वर्ष तक एक स्थान पर रखना चाहिए, साथ ही अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया की अपीलार्थी का पति हृदय संबंधी बीमारी से ग्रसित है। प्रार्थी के अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होते हुए अधिकरण ने अपीलार्थी के स्थानान्तरण को अल्पावधि में किया गया स्थानान्तरण मानते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग को नोटिस जारी करते हुए स्थानान्तरण आदेश दिनांक 22.09.25 पर अंतरिम रोक लगाई।


