शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन के लिए कार्यशालाओं का आयोजन शुरू

बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। राज्य में स्टेट इनिशिएटिव फॉर क्वालिटी एजुकेशन (एसआईक्यूई) के तहत प्रारंभिक शिक्षा स्तर में गुणवत्ता उन्नयन के लिए हिंदी, गणित, पर्यावरण अध्ययन एवं अंग्रेजी विषयों का शिक्षण करने वाले समस्त शिक्षकों के क्षमता संवर्धन के तहत महत्वाकांक्षी क्लस्टर कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।
सहायक निदेशक वीणा सोलंकी ने बताया कि राजस्थान के सभी डाईट एवं उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि पूर्व से प्रशिक्षित दक्ष प्रशिक्षकों के माध्यम से क्लस्टर कार्यशालाओं का आयोजन करें।
सहायक निदेशक सोलंकी ने बताया कि इस सत्र की हिंदी एवं पर्यावरण विषय की अंतिम कार्यशाला 18 या 19 जनवरी को तथा अंग्रेजी एवं गणित की कार्यशाला 29 या 30 जनवरी को आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त महत्वपूर्ण कार्यशालाएं समस्त शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सम्बंधित पीईओ की अध्यक्षता में आयोजित की जायेंगी। अतिरिक्त निदेशक द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि क्लस्टर कार्यशालाओं का आयोजन कार्यालय समय में ही किया जावे तथा कार्यशाला में उपस्थित समस्त विषयाध्यापकों की उपस्थिति अतिरिक्त परियोजना समन्वयक कार्यालय की वेबसाईट पर भेजी जाए। निर्देशों में कहा गया है कि सभी निर्धारित दक्ष प्रशिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। कार्यशाला विषयवार दो अलग-अलग कक्षा कक्षों में आयोजित की जायेगी और दोपहर बाद दोनों दक्ष प्रशिक्षकों को परस्पर परिवर्तित कर शिक्षकों का क्षमता संवर्धन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पीईओ खुद विषय की समझ रखने वाले शिक्षकों को दक्ष प्रशिक्षक के रूप में नियुक्त करने को स्वतंत्र होंगे।
सोलंकी ने बताया कि कार्यशाला के आईसीटी के प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम फेज के विद्यालयों में स्थित कम्प्यूटर लेब को क्रियाशील कर कम्प्यूटर सेट मय प्रोजेक्टर की व्यवस्था भी कार्यशालाओं में सुनिश्चित की जानी है। उन्होंने बताया कि राजस्थान प्रारम्भिक शिक्षा परिषद् द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के अतिरक्त जिला परियोजना समन्वयक को इसके लिए बजट आवंटित किया गया है जो एसएसए द्वारा सम्बंधित पीईओ को आवंटित किया गया है। इस राशि से क्लस्टर कार्यशालाओं का विधिवत आयोजन कर उपयोगिता प्रमाण पत्र एसएसए कार्यालय को भिजवाए जाने हैं। उन्होंने बताया कि क्लस्टर कार्यशालाओं की मोनेटरिंग सम्बंधित डाईट के प्रधानाचार्यों एवं व्याख्याताओं द्वारा की जायेगीद्यउन्होंने यह भी बताया कि कार्यशालों के दौरान विद्यालय के पोर्टफोलियो, भित्ति पत्रिकाएं तथा विद्यार्थियों की बेस्ट प्रेक्टिस का वीडिओ प्रदर्शन भी कार्यशाला में आवश्यक रूप से किया जाए। सभी शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अध्यापक योजना डायरी एवं चेक लिस्ट आदि अभिलेख ले कर कार्यशाला में उपस्थित हों। कार्यशाला विद्यालय समय तक लगातार संचालित किये जाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि क्लस्टर कार्यशाला से अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों की सूची तैयार कर सम्बंधित जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक एवं माध्यमिक को भिजवाई जायेगी।