Friday, May 29, 2026
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श्रद्धा एवं उत्साह के साथ हुआ युवा प्रेरणा एवं व्यक्तित्व निर्माण अध्यात्म गोष्ठी का शुभारंभ

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बीकानेर Abhayindia.com पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर सत्संग परिवार संस्थान द्वारा आयोजित “भागवत अमृत वर्षा” तीन दिवसीय युवा प्रेरणा एवं व्यक्तित्व निर्माण अध्यात्म-गोष्ठी का शुभारंभ धरणीधर ऑडिटोरियम में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर आध्यात्मिक अमृत वर्षा का लाभ लिया। कार्यक्रम में भागवताचार्य मुरली मनोहर व्यास ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि मनुष्य के जीवन में आने वाले दुखों के मुख्य कारण काल, कर्म और स्वभाव हैं। जब तक व्यक्ति अपने स्वभाव को नहीं बदलता और कर्मों को शुद्ध नहीं करता, तब तक जीवन में वास्तविक शांति संभव नहीं है।

व्यास ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में व्यक्ति बाहरी सुखों की दौड़ में अपने आत्मिक जीवन को भूलता जा रहा है। उन्होंने श्रीमद्भागवत एवं गीता के उदाहरणों के माध्यम से बताया कि निष्काम कर्म ही जीवन को श्रेष्ठ दिशा प्रदान करता है। मनुष्य यदि फल की चिंता छोड़कर केवल अपने कर्तव्य का पालन करे, तो उसका वर्तमान ही नहीं बल्कि भविष्य भी उज्ज्वल बन सकता है।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने अध्यात्म, जीवन के उद्देश्य, कर्म, तनाव एवं आधुनिक जीवन की चुनौतियों से जुड़े विभिन्न प्रश्न भी पूछे, जिनका व्यास ने अत्यंत सरल, प्रेरणादायी एवं तर्कपूर्ण शैली में समाधान प्रस्तुत किया। उनके उत्तरों ने युवाओं को जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास एवं आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि अध्यात्म को जीवन प्रबंधन से जोड़ लें, तो वह तनाव, निराशा एवं भटकाव से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कथा के दौरान व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण के चरित्र को जीवन प्रबंधन, सकारात्मक सोच और आत्मिक उन्नति का सर्वोत्तम आदर्श बताया। कार्यक्रम प्रतिदिन सायं 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों ने अधिक से अधिक युवाओं एवं नागरिकों से इस आध्यात्मिक गोष्ठी में सहभागिता कर जीवनोपयोगी संदेशों का लाभ लेने का आग्रह किया।

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