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राजस्‍थान : 3 लाख घरों में 330 मेगावाट रूफटॉप सोलर स्थापना के लिए 45 सर्किलों की निविदा जारी

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जयपुर Abhayindia.com मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में ऊर्जा विभाग एवं राज्य की तीनों बिजली वितरण कंपनियों डिस्कॉम्स के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री कुसुम योजना, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन (यूएलए) मॉडल, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, बिजली क्षेत्र सुधारों से जुड़ी अतिरिक्त ऋण सीमा तथा डिस्कॉम्स के ऋण पुनर्गठन सहित विभाग की प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी योजनाओं का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के कंपोनेंट-ए एवं सी के अंतर्गत 4705 मेगावाट स्थापित क्षमता के साथ राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। मुख्य सचिव ने स्वीकृत सभी परियोजनाओं को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समय पर पूर्ण करने, वेंडर चयन, स्थापना एवं निरीक्षण की प्रक्रियाओं को राष्ट्रीय औसत से अधिक दक्ष बनाने तथा बैंक ऋण स्वीकृति से जुड़े प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

समीक्षा में बताया गया कि राज्य के 172 ग्रिड सब-स्टेशनों पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) स्थापित किए जाएंगे तथा इसकी निविदा 13 जुलाई तक जारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य सचिव ने परियोजनाओं की दैनिक मॉनिटरिंग, बैंक फाइनेंस, राइट ऑफ वे एवं भूमि संबंधी बाधाओं के त्वरित समाधान के लिए जिला कलक्टरों के साथ सतत समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने रूफटॉप सोलर स्थापना की दैनिक गति को केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने तथा आगामी सभी लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंक ऋण स्वीकृति, केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) एवं राज्य सब्सिडी के शीघ्र भुगतान तथा फील्ड अधिकारियों एवं वेंडरों के नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई ।

बैठक में बताया गया कि यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन (यूएलए) मॉडल के अंतर्गत 45 सर्किलों के लिए निविदा जारी की जा चुकी है, जिसके माध्यम से 3 लाख घरों में 330 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की जाएगी। मुख्य सचिव ने तकनीकी एवं वित्तीय बोलियों की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुसार पूर्ण करने तथा डिस्कॉमवार एवं सर्किलवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-2 एवं फेज-3 की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न ग्रिड सब-स्टेशनों की बिडिंग प्रक्रिया में तेजी लाने तथा स्वीकृत योजनाओं की नियमित प्रगति से अवगत कराने को कहा। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ ट्रांसमिशन अवसंरचना से विद्युत उत्पादन एवं अंतिम उपभोक्ता तक आपूर्ति के बीच की दूरी प्रभावी रूप से कम होगी तथा राज्य की ऊर्जा क्षमता को और मजबूती मिलेगी।

बैठक में डिस्कॉम्स के ऋण पुनर्गठन (डेब्ट रिस्ट्रक्चरिंग) की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने उच्च ब्याज दर वाले ऋणों को प्राथमिकता के आधार पर रोलओवर करने तथा पीएफसी एवं आरईसी के साथ ब्याज दरों में कमी संबंधी प्रस्तावों को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।  डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति को और सुदृढ़ बनाया जा सके। मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग करने तथा लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को अधिकाधिक साझा करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से  रेजिडेंट कमिश्नर रोहित कुमार शामिल हुए। वहीं बैठक में ऊर्जा सचिव एवं डिस्कॉम्स की अध्यक्ष सुश्री आरती डोगरा, जयपुर डिस्कॉम के निदेशक (तकनीकी) आर. के. शर्मा, जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक भंवर लाल, जोधपुर डिस्कॉम के निदेशक (तकनीकी) वी. के. छांगाणी, अजमेर डिस्कॉम के निदेशक (तकनीकी) सहित विभाग एवं तीनों डिस्कॉम्स के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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